लव मैरिज कियै बढि गेल – दहेज लेबाक दुष्परिणाम एहि लोक सँ परलोक धरि की
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी स्वर्णलता दीदीक समाद आइ मैसेन्जर चेक करबाक क्रम मे भोरे-भोर जे सन्देश देखलहुँ ताहि पर केन्द्रित छी। स्वर्णलता दीदी लिखली अछि, “आइ लव-अरेंज विवाह बहुत भय रहल अछि अहि के परिप्रेक्ष्य में किछु विचार दियौ और झुठे लोक दहेज के रोना क रहल छैथ ई कोना अहि लोक और … लव मैरिज कियै बढि गेल – दहेज लेबाक दुष्परिणाम एहि लोक सँ परलोक धरि की






