सिन्दूर के भार – मर्मस्पर्शी मैथिली कथा
साहित्य – मैथिली कथा – वन्दना चौधरी, विराटनगर चतुर्थी के भोर छल, सुजाता स्नान करै के लेल कोबरा स अनहरोखे बहरेली जे कियो देख नै लिये अपन पति आनंद के सुतले छोड़ि क। आनंद सेहो अनठा क आँखि मुनने पड़ल छेलाह बिछान पर। सुजाता जखन स्नान क’ क’ वापस एली ताबे तक आँगन में सेहो … सिन्दूर के भार – मर्मस्पर्शी मैथिली कथा








