मैथिली सुन्दरकाण्डः हनुमान्जी केर लंका केँ प्रस्थान, सुरसा सँ भेंट, छाया पकड़यवाली राक्षसी केर वध
मैथिली सुन्दरकाण्ड – श्री तुलसीदास रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद हनुमान्जी केर लंका केँ प्रस्थान, सुरसा सँ भेंट, छाया पकड़यवाली राक्षसी केर वध चौपाई : जामवंत के वचन सोहेलनि। सुनि हनुमंतक चित्त रमेलनि॥ ता धरि तूँ सब रुकिहें भाइ। रहिहें दुःखे कंद मूल फल खाइ॥१॥ भावार्थ : जाम्बवान् केर सुंदर वचन सुनिकय हनुमान्जी केर हृदय … मैथिली सुन्दरकाण्डः हनुमान्जी केर लंका केँ प्रस्थान, सुरसा सँ भेंट, छाया पकड़यवाली राक्षसी केर वध








