कहीं हमहुँ-अहाँ एहि रोग केर शिकार त नहि?
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी #वाणीसूल_बीमारी काफी समय अध्ययन सँ एक विशेष तरहक रोग केर पता चलल, एहि रोग केर नाम छी ‘वाणीसूल’। जेना सूलवाइह (डिसेन्ट्री) पेट के रोग छी तहिना निज भाषा छोड़ि आन भाषा अपनेनिहार मे वाणी बदलबाक कारण वाणीसूल नामक रोग होइत छैक। एहि रोग मे अपनहि वाणी सँ आत्मीयता समाप्तिक दोष … कहीं हमहुँ-अहाँ एहि रोग केर शिकार त नहि?








