मैथिल युवजनक नाम हमर जरूरी पत्र
प्रिय युवजन, जेकरा अपन मौलिकता के कोनो भान नहि, निजता प्रति कोनो सम्मान नहि, ओकरा लेल आली-हौसे छोड़िकय बाकी दोसर कोनो काम नहि। ई महावाक्य याद राखू। नजरि खोलिकय इतिहास देखू। आइ तक भाषा तोड़निहार कोनो दोसर विकल्प केकरो देने हुए, जीवनस्तर मे कोनो सुधार अनने हुए, शिक्षा आ साक्षरता दोसर कोनो भाषा केँ गुलामी … मैथिल युवजनक नाम हमर जरूरी पत्र






