सद्विचारक पुरस्कार ( लघुकथा )
लघुकथा – गोपाल मोहन मिश्र सद्विचारक पुरस्कार ( लघुकथा ) एक बेर एक व्यक्ति किछु पैसा निकालवा लेल बैंक में गेलाह। जहिना कैशियर पेमेंट देलक कि ओ कस्टमर चुपचाप ओकरा अपन बैग में रखलाह आ चलि देलाह। ओ एक लाख चालीस हज़ार रुपैया निकलवेने छलाह। हुनका पता छल कि कैशियर ग़लती सँ एक लाख चालीस … सद्विचारक पुरस्कार ( लघुकथा )






