देशहित-जनहित के गारन्टी लेल विधानक मजबूती आवश्यक
राजनीति मे नैतिकताक मापदंड कहय लेल लोकतंत्र, लोकक चयनित सरकार द्वारा विधि अनुसार शासन; लेकिन यथार्थतः छक्कल-बक्कल सँ शासन तंत्रक संचालन वर्तमान राजनीति के ‘सामान्य बात’ बनि गेल अछि। कलिकाल के बड नीक चर्चा तुलसीकृत् रामचरितमानस मे कहल गेल अछि – सो कलिकाल कठिन उरगारी। पाप परायन सब नर नारी॥ कलिमल ग्रसे धर्म सब लुप्त … देशहित-जनहित के गारन्टी लेल विधानक मजबूती आवश्यक







