सपना: मिथिला राज्य बनेबय कोहुना (काव्य)
कविता – शिशिर कुमार झा सपना ***** प्रवासी मैथिल के एकहि सपना, मिथिला राज्य बनेबैय कोहुना. पलायन के शिकार भेलहुं हम, बेरोजगारी सं तबाह भेलहुं हम, बाढि रौदी सं लाचार भेलहुं हम, शिक्षा-स्वास्थ्य सं तारतार भेलहुं हम, घर-परिवार छोड़ि भगलहुं कोहुना, दिल्ली, मुम्बई, सूरत आ’ बसलहुं पटना. मिथिला राज्य बनेबैय कोहुना, मिथिला राज्य बनेबैय कोहुना. … सपना: मिथिला राज्य बनेबय कोहुना (काव्य)








