अर्जुन दृष्टि मे मिथिला राज्य एकमात्र लक्ष्य
ई त सब जानैत आ मानैत होयब जे – हम मैथिलीभाषीक जन्म किछु विशेष कारण सँ मिथिला पुण्यक्षेत्र मे भेल अछि। पूर्वजन्म के किछु विशेष कर्म आ प्रारब्ध के चलते एहि धर्मक्षेत्र मे मनुष्य रूप मे पदार्पण कय सकल छी। जन्म भेटब प्रकृति आ ईश्वर केर ब्रह्माण्डीय संरचनाक एकटा विलक्षण आ विचित्र घटना होइत … अर्जुन दृष्टि मे मिथिला राज्य एकमात्र लक्ष्य




