रामचरितमानस मोतीः भरतजीक बाण सँ हनुमान् केर मूर्च्छित होयब, भरत-हनुमान् संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती भरतजीक बाण सँ हनुमान् केर मूर्च्छित होयब, भरत-हनुमान् संवाद पैछला अध्याय मे कालनेमिक वध उपरान्त हनुमान्जी द्वारा सुषेण वैद्यक बतायल पर्वत पर औषधिक पहिचान नहि कय सकबाक कारण समूचा पर्वते उठाकय लंका लेल चलि देलनि आ आकाशमार्ग सँ उड़ैत अयोध्या उपरक आकाश मे पहुँचैत छथि – तखनः १. … रामचरितमानस मोतीः भरतजीक बाण सँ हनुमान् केर मूर्च्छित होयब, भरत-हनुमान् संवाद




