मैथिली मात्र नहि बल्कि आनहु भाषा मे विज्ञता आ जनजुड़ाव नगण्ये होइत छैक
मैथिलीक हरेक मंच, हरेक पुरस्कार, हरेक पत्रिका, हरेक अभियान आ हरेक गतिविधि मे सबके चेहरा देखायत तखने सबकेँ अनुभूति हेतैक। – आदरणीय डा. सुरेन्द्र लाभ आइ सामाजिक संजाल मे जानल-मानल सामाजिक-सांस्कृतिक अभियन्ता राजकुमार महतो नेपालीय मिथिलाक्षेत्रक जानल-मानल विद्वान् डा. सरेन्द्र लाभ केर उपरोक्त उक्ति शेयर कयलनि अछि। जनकपुर मे लगातार एहि विषय पर मंथन चलि … मैथिली मात्र नहि बल्कि आनहु भाषा मे विज्ञता आ जनजुड़ाव नगण्ये होइत छैक









