मैथिली भाषा लेल चिन्ता आ चिन्तन – भाषिक एकरूपता कोना बनत
मैथिली लेखन मे एकरूपताक अभाव कोना दूर हो? भाषा-विमर्श मे अक्सरहाँ ई चर्चा कयल जाइत अछि जे मैथिलीक कतेको रास शब्द अलग-अलग लेखक द्वारा अलग-अलग हिज्जे मे लिखल जाइछ। एहि सँ पाठक भ्रमित भेल करैत अछि आर मैथिलीक पठनीयता मे कतहु न कतहु कमी एबाक किंवा एकर अध्ययन मे लोकक रुचि घटि जेबाक … मैथिली भाषा लेल चिन्ता आ चिन्तन – भाषिक एकरूपता कोना बनत








