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प्रवीण नारायण चौधरी

अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी अपन इलाज अपने करू जेना कि एखन देखि रहल होयब, कतेको रास चिकित्सक या चिकित्सालय सेहो कोरानाक त्रास वा आशंका मे एहतियातन बन्द अछि – एहेन समय अपन इलाज अपनहि करबाक एकटा नीक सुझाव हमरा सभक पास मौजूद अछि। बीमारीक लक्षण सँ इलाज करबाक स्थापित विधान अनुसार हम सब स्वयं अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी बनेलक कोरोना वायरस केर वैक्सीन

२१ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! इंग्लैन्ड केर ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी द्वारा अप्रैल माह सँ लगातार टेस्ट कयल जा रहल कोरोना वायरस कोविड १९ बीमारी सँ लड़बाक लेल बनायल गेल वैक्सीन आखिरकार नीक परिणाम देखौलक अछि। मानव ऊपर कयल गेल परीक्षण मे एकर सकारात्मक परिणाम देखल गेलैक अछि। आगाँ ब्रिटेन सरकार केर तरफ सँ ८४ मिलियन स्टर्लिंग ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी बनेलक कोरोना वायरस केर वैक्सीन

परस्पर प्रतिस्पर्धा या आपस मे घात-प्रतिघात

मिथिलाक महापुरुष सब पर आक्षेपक पड़ताल – प्रवीण नारायण चौधरी किछु दिन पहिने एकटा लेख मार्फत मिथलाक लोकक कूटनीति-रणनीति सँ नौकरशाहीक क्षेत्र मे उल्लेख्य कथा-गाथा पठेबाक अनुरोध कएने रही। किछु कथा एहेन आयल अछि जे पढिकय हमर मस्तिष्क मे एकटा सवाल ठाढ भेल अछि। कथा सेहो कोनो बेसी दूर के नहि, आ नहिये कोनो बेसी परस्पर प्रतिस्पर्धा या आपस मे घात-प्रतिघात

मिथिला साइकिल यात्री शुरू कयलनि वीरपुर सँ ‘सप्तरी बोलबम यात्रा’

राजविराज, सप्तरी। १९ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक लोकसंस्कृतिक जननायक अभियन्ता सुभाष विरपुरिया मैथिली जिन्दाबाद सँ बात करैत जानकारी करौलनि जे पूर्व मे कयल गेल साइकिल देवघर यात्रा केर तर्ज पर एहि वर्ष सेहो हुनका लोकनिक जत्था द्वारा कोसी बैरेज समीप पवित्र कोसी नदी मे स्नान कय ओतहि जल भरिकय मिथिलाक्षेत्रक महत्वपूर्ण शिव मन्दिर मे मिथिला साइकिल यात्री शुरू कयलनि वीरपुर सँ ‘सप्तरी बोलबम यात्रा’

युवा सहभागिता सँ समाजक प्रगति शीघ्र संभव

मैथिलीभाषी युवा शक्ति लेल शिक्षा आ प्रशिक्षणक पैघ आवश्यकता युवा शक्ति भविष्य थिकैक। शिक्षा आ प्रशिक्षण सँ ई सब मूल-मौलिकता प्रति सजग होइत छैक। चूँकि प्राथमिक विद्यालय सँ उच्च शिक्षा प्राप्ति धरि मैथिलीभाषाभाषी छात्र सभ केँ स्वाभिमान आ आत्मबल बढाबयवला कोनो सामग्री पाठ्यक्रम मे शामिल नहि कयल गेल छैक, स्थानीय विशेषता केँ झलकेबाक लेल आधारभूत युवा सहभागिता सँ समाजक प्रगति शीघ्र संभव

मैथिल डिप्लोमैसी आ ब्युरोक्रेसी – एक अध्ययन

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिल डिप्लोमैसी आ ब्युरोक्रेसी   (मिथिलाक लोक केर स्वाभाविक कूटनीति और नौकरशाही गुण-धर्म)   हम मिथिला सँ छी। गाम हमर मूल निवास, मौलिक संस्कार आ प्रथम राष्ट्रीयता थिक। नगर सभ्यता सेहो गामे सँ प्रभावित अछि। एहेन कतेको आख्यान भेटैत अछि जे शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग, आदिक विकसित केन्द्र मे गामहि केर मैथिल डिप्लोमैसी आ ब्युरोक्रेसी – एक अध्ययन

हमर दहेज मुक्त विवाह (संस्मरण)

कथा-संस्मरण #दहेज_मुक्त_मिथिला #दहेज_मुक्त_विवाह_संस्मरण हमर दहेज मुक्त विवाह – प्रवीण नारायण चौधरी अपन पैर पर ठाढ भऽ गेलाक बाद एना बुझायल जे आब विवाह कय लेबाक चाही, कारण विवाह एकटा निश्चित उम्रक सीमा मे भेनाय उचित होइत छैक। देरी सँ जे विवाह करैत छथि हुनकर जीवन मे कतेको प्रकारक समस्या वृद्धावस्था मे होइत देखलहुँ… से शुरुए हमर दहेज मुक्त विवाह (संस्मरण)

नेपालक महानगर विराटनगर मे फिल्म उद्योग

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी विराटनगर मे फिल्म उद्योग आजुक संसार मे कैमरा लगभग सब हाथ मे अछि। लेन्स केर साइज भले अलग-अलग हो, पिक्चर केर क्वालिटी तेँ अलग-अलग संभव अछि – मुदा समग्र मे ‘फिल्म’ (वीडियो, मूवी) बहुत सरल आ सहज बनि गेल छैक, गाम-गाम आ बच्चा-बच्चा एकर नियम-कायदा सँ थोड़-बहुत परिचित अछि।   नेपालक महानगर विराटनगर मे फिल्म उद्योग

अपने ई सब देखलहुँ कि नहिः मैथिली-मिथिलाक टटका समाचार

१५ जुलाई २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! विगत किछु समय सँ मैथिली-मिथिलाक सर्वथा चर्चित विषय पर समाचार-सार-संछेप मे! अपने ई सब देखलहुँ कि नहि! १. कोरोना कोरोनाकाल मे किछु दिन त लोक खूब सैनिटाइजर लगौलक, साबुन सँ हाथ रगड़ि-रगड़िकय साफ कयलक, नाक-मुंह-आँखि आदि केँ नीक सँ सुरक्षा कयलक, लौकडाउन मे घरहि मे सुरक्षित रहल, लोक सब अपने ई सब देखलहुँ कि नहिः मैथिली-मिथिलाक टटका समाचार

जनभावना मे बढि रहल अछि मैथिली-मिथिलाः भारतीय पोलिटिकल डिस्कोर्स पर एक नजरि

भारतीय पोलिटिकल डिस्कोर्स मे मैथिली-मिथिला   मैथिली-मिथिला लेल एकरा ‘अच्छे दिन’ कहि सकैत छी जे सिर्फ राष्ट्रवादी विचारधारा मे मौलिक संस्कृतिक आधार पर समर्थन दैत आबि रहल दल विशेष मात्र नहि, बल्कि आब एकरा लेल लगभग सर्वदलीय समर्थन जुटि रहल अछि। एकर श्रेय निश्चित रूप सँ युवा सहभागिता मे अपन भाषा आ अपन संस्कृति संग जनभावना मे बढि रहल अछि मैथिली-मिथिलाः भारतीय पोलिटिकल डिस्कोर्स पर एक नजरि