रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्जी आ श्री विभीषणजीक भेंट
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमान्-विभीषण संवाद १. ओ महल श्री रामजीक आयुध (धनुष-बाण) केर चिह्न सँ अंकित छल। ओ एतेक शोभनीय छल जे एकर शोभाक वर्णन शब्द मे नहि कयल जा सकैछ। ओतय नव-नव तुलसीक वृक्ष-समूह सब देखि कपिराज श्री हनुमान्जी बहुत हर्षित भेलाह। “लंका त राक्षस सभक समूह केर निवास स्थान … रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्जी आ श्री विभीषणजीक भेंट





