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प्रवीण नारायण चौधरी

अपन मूल पहिचान भाषा आ संस्कृतिः मिस बालीवुड दिवा ऋचा सिंह

साक्षात्कार हालहि मिस बिहार प्रतियोगिता मे उप-विजेता ऋचा सिंह जिनका ‘मिल बालीवुड दिवा’ केर टाइटल प्रदान कैल गेलनि, हुनका संग संपादक प्रवीण नारायण चौधरी दूरभाष पर विस्तारपूर्वक बात कएलनि। ओहि बातचीतक आधार पर मिथिलाक कोसी क्षेत्रक बेटी ऋचा सिंह अपन मूल पहिचान भाषा आर संस्कृति मे होयबाक बात कहैत नव पीढी केँ एकटा महत्वपूर्ण संदेश अपन मूल पहिचान भाषा आ संस्कृतिः मिस बालीवुड दिवा ऋचा सिंह

कोर्थु गाम मे मनायल गेल ‘मधुप स्मृति दिवस’

कोर्थु, दरभंगा। जनबरी १०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा-साहित्यक अगाध दिग्गज काशीकान्त मिश्र मधुप केर स्मृति दिवस हुनक गाम कोर्थु मे धूमधाम सँ काल्हि ९ जनबरी केँ मनायल गेल अछि। कोर्थु गाम मे मधुप समान आइयो कतेक रास दिग्गज स्रष्टा सब मैथिली-मिथिला लेल ओतबे महत्वपूर्ण छथि, एहि मे मैथिली हास्यकवि तथा विद्वान् जयप्रकाश जनक केर कोर्थु गाम मे मनायल गेल ‘मधुप स्मृति दिवस’

अभिनेता अनिल मिश्रा श्रीकांत मंडल सम्मानसँ सम्मानित

दिल्ली, जनबरी १०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैलोरंग रेपर्टरीक निदेशक द्वारा ६ जनबरी, २०१६ जारी प्रेस विज्ञप्ति मे मिथिलाक सुपरिचित सिने – स्टार ‘अनिल मिश्रा’ केँ श्रीकान्त मंडल सम्मान २०१५ देबाक घोषणा कैल गेल अछि। मैथिली रंगमंचक प्रतिष्ठित युवा सम्मान रंगकर्मी श्रीकांत मण्डल सम्मान – २०१५ सुपरिचित रंगकर्मी अभिनेता अनिल मिश्रा केँ प्रदान कैल जायत । अभिनेता अनिल मिश्रा श्रीकांत मंडल सम्मानसँ सम्मानित

मैथिली सिखबाक एप्प तैयार भेलः मैथिली साहित्य संस्थान पटना

स्रोतः हिन्दुस्तान पटना संस्करणक समाचार मैथिली भाषा सेहो अाब हाईटेक भऽ रहल अछि। मैथिली मे वेबसाइट तऽ कतेको रास अछि। लेकिन पहिल बेर एकटा मोबाइल एप्प बनाओल गेल अछि। मैथिली साहित्य संस्थान, पटना केर लेल ई एप्प इंटर पास युवक अच्युत द्वारा तैयार कैल गेल अछि। एहि एप्प केर माध्यम सँ आब गैर मैथिली भाषी सेहो आसानी सँ मैथिली सीख सकता। आबयवाला दिन मे मैथिली सिखबाक एप्प तैयार भेलः मैथिली साहित्य संस्थान पटना

नहि रहलाह भाइसाहेब राजमोहन झाः शोकसभा मधुबनी मे भेल

पटना, दिसम्बर ८, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! ७ जनबरी, २०१५ मैथिली साहित्यक एक पुरोधाक जीवनक अन्तिम दिन बनिकय उपस्थित भेल। बहुत दिन सँ बीमार चलि रहला साहित्य अकादमी सँ सम्मानित मैथिली साहित्यकार राजमोहन झा काल्हि ४ बजे अन्तिम साँस लेलनि। एहि शोक समाचार केँ पसैरते मैथिली साहित्यक जगत् मे शोकक लहैर दौड़ि गेल छल। विवेकपुरम् (मधुबनी) नहि रहलाह भाइसाहेब राजमोहन झाः शोकसभा मधुबनी मे भेल

मधुबनी मे ग्रियर्सन जयन्तिः मैथिल शोधार्थीक प्रेरणास्रोत

मधुबनी, जनबरी ८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! नवारम्भ प्रकाशन केर तत्त्वावधान मे आइ मधुबनीक विवेकपुरम् मे ग्रियर्सन जयन्ति मनाओल गेल। एहि अवसर पर मैथिली साहित्यिकारक संग मधुबनीक संचारकर्मी – स्रष्टा – विद्वान् लोकनिक उपस्थिति छल। एहि अवसर पर राखल गेल विचार गोष्ठीक अध्यक्षता मैथिलीक चर्चित साहित्यकार श्याम दरिहरे कएलनि, डा. रमानन्द झा रमण केर मुख्य आतिथ्य रहल जखन मधुबनी मे ग्रियर्सन जयन्तिः मैथिल शोधार्थीक प्रेरणास्रोत

धन्य ग्रियर्सन लाटसाहेब जे मैथिली पहुँचल विश्व भरि मे!!

विशिष्ट व्यक्तित्वः मिथिला-मैथिली केँ विश्व पटल पर पहुँचेनिहार डा. जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन  आइ मधुबनी विवेकपुरम मे दिनक २ बजे सँ संध्याक ६ बजे धरि डा. जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन केर जन्म जयन्ति समारोह मनायल जा रहल अछि। मैथिलीक सुप्रसिद्ध साहित्यकार तथा समारोह संयोजक अजित आजाद कहलनि अछि जे लगभग ५० टा नामी-गिरामी साहित्यकार एहि समारोह मे धन्य ग्रियर्सन लाटसाहेब जे मैथिली पहुँचल विश्व भरि मे!!

स्त्रीगण सदा अपन काज मे लागल छथिः प्रो. सविता झा खान

साक्षात्कार प्राध्यापक सविता झा खान, दिल्ली विश्वविद्यालय तथा मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक प्रवीण नारायण चौधरी केर बीच भेल वार्ता अनुरूपः प्रवीणः मैडम! नमस्ते!! हम प्रवीण… मैथिली जिन्दाबाद पर अपनेक एकटा साक्षात्कार प्रकाशित करबाक सदिच्छा सँ किछु जिज्ञासा राखि रहल छी। कृपया अपन विचार जेना सहज हो से मिथिलाक लोक – अप्पन लोक वास्ते उपलब्ध करबैत कृतार्थ करी। अग्रिम धन्यवाद!! प्रवीणः अपनेक स्त्रीगण सदा अपन काज मे लागल छथिः प्रो. सविता झा खान

मैथिली साहित्य संस्थान द्वारा ८ जनबरी ‘मैथिली दिवस’ पटनामे

पटना। दिसम्बर ६, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! संविधानक आठम अनुसूची मे मैथिली केँ मान्यता देबाक कार्य राज्यसभा द्वारा ८ जनबरी, २००४ ई. केँ कैल गेल छल। मैथिली साहित्य संस्थान पटना एहि दिवस केँ हरेक वर्ष ‘मैथिली दिवस’ केर रूप मे मनबैत आबि रहल अछि। एहि बेर सेहो ई कार्यक्रम पटना मे अपराह्न २ बजे सँ मैथिली साहित्‍य मैथिली साहित्य संस्थान द्वारा ८ जनबरी ‘मैथिली दिवस’ पटनामे

गीताः नियत कर्म करू! मिथ्याचार-ढोंग सँ बचू!!

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे…. भगवान् कृष्ण द्वारा सांख्ययोग सँ आत्मरूपी जीवक यथार्थ पहिचान करब, फेर कर्मयोग मे समत्व भाव आनि बंधनमुक्त होयब, स्वधर्म लेल अर्जुनरूपी क्षत्रिय केँ युद्ध करबाक निर्णय सुनायब, पुनः अर्जुनक एकटा गंभीर प्रश्न जे आखिर ओहेन लोक जेकरा समभाव प्राप्त भऽ जाएछ, ओ स्थितप्रज्ञक लक्षण कि, ताहि पर भगवान् स्थितप्रज्ञ गीताः नियत कर्म करू! मिथ्याचार-ढोंग सँ बचू!!