Search

प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली चुटकुलाः पहलवान भौजी

हास्य-व्यंग्यः पहलवान भौउजी – संकलनः सरोज झा (फेसबुकः https://www.facebook.com/saroj.jha.3139241) भोरे भोर अजय भाय केकरो सँ झगड़ा कय केँ घर आपस आयल रहैथ। मोन बड़े खौंझायल रहैन। अजय भाय केर कनियां जिनका दिअर सब चौल करैत ‘पहलवान भौउजी’ कहैत छलाह, ओ भौउजी बुझबैत हुनका कहलखीन, “पूजा कएल करू! बड़का सॅ बड़का झंझटि हंटि जाएत छैक।” अजय भाय: अहुँक बाप मैथिली चुटकुलाः पहलवान भौजी

एक्सीलेन्ट सिक्स मानव सेवाः एकांकी हास्य सँ सीख

यथार्थ पर आधारित एकटा एकांकी – समाचार पठेबाक एकटा नव आयाम – मुम्बई सँ प्रकाश कमती, २२ जनबरी, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद लेल खास!! शीर्षक :- “व्हाट्सऐप सँ गाम धैर” (गुलटन काका अपन भातिज फुलचनमा सँ कहैत) गुलटन काका – धुर परेशान भय गेलौं…। फुलचनमा – कि भेल काका यौ..? गुलटन काका – बौआ इ फेसबुक, एक्सीलेन्ट सिक्स मानव सेवाः एकांकी हास्य सँ सीख

जन्मस्थल बड़गाँव मे कविश्वर चन्दा झा स्मृति मनायल गेल

मुरारी झा मयंक, बड़गाँव, सहरसा। जनबरी २२, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषाक प्रख्यात कवि – मिथिला भाषा रामायण केर रचयिता तथा कविश्वर केर उपनाम सँ ख्याति प्राप्त चन्दा झा जिनक जन्म अपन मामा-गाम सहरसा जिलाक बड़गाँव मे भेल छलन्हि, २० जनबरी, २०१६ केँ हुनकर जन्म जयन्ति दिवस केर रूप मे एहि गाम मे समारोहपूर्वक मनायल जन्मस्थल बड़गाँव मे कविश्वर चन्दा झा स्मृति मनायल गेल

युग बदैल जाय, स्रष्टा नहि बदलतः महेश झा डखरामी आधुनिक मधुप

साक्षात्कारः विशिष्ट व्यक्तित्व महेश झा ‘डखरामी’ – मृदुल आ प्रशान्त मैथिली सर्जक, दिल्ली मे दशकों सँ प्राइवेट जौब मे कार्यरत रहितो अपन मातृभाषा प्रति निरंतर सृजनशील रहैत मैथिली पद्य मे विशिष्ट शैलीख संग लेखनी करैत छथि।  वर्तमान समय मे बेसी मैथिलीभाषी केँ अपन मातृभाषाक प्रयोग करय मे नहि जानि कोन मुदा लज्जाक अनुभूति होएत देखल युग बदैल जाय, स्रष्टा नहि बदलतः महेश झा डखरामी आधुनिक मधुप

साहित्यांगन मे कविश्वर चन्दा झा केर मनायल गेल १८६म जयन्ति

झंझारपुर, मधुबनी। २१ जनबरी, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चलू शिव कोबरा के चालि हे, दोपटा ओढू भोला! अछि भरि नगर हकार हे, भल मानुस टोला!! – एहेन‍-एहेन कतेको रास गीति-रचनाक प्रस्तुतिक संग डा. विश्वेश्वर झा द्वारा कविश्वर चन्दा झा केर १८६म जयन्ति काल्हि २० जनबरी झंझारपुरक जनता महाविद्यालयक प्रांगण मे आयोजित समारोहक अध्यक्षता करैत संबोधन केलनि। समारोहक साहित्यांगन मे कविश्वर चन्दा झा केर मनायल गेल १८६म जयन्ति

राज दरभंगाक इतिहासः भारतक सबसँ पैघ जमीन्दारी

राज दरभंगा के इतिहास दरभंगा राज राज दरभंगाक रूप मे सेहो जानल जाइत अछि । एकर इतिहास सोलहम शताब्दी मे शुरू होइत अछि आ एकर पहिल राजा महेश ठाकुर छलाह । दरभंगा राजक क्षेत्रफल लगभग २४१० वर्ग कि०मी० छल आ एहि मे ४,४९५ टा गाम १८ गोट सरकिल मे छल, जे बिहार सँ लऽ कऽ राज दरभंगाक इतिहासः भारतक सबसँ पैघ जमीन्दारी

गीताः काम आ क्रोध थीक मूल शत्रु – केकरो नहि छोड़ैत अछि

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे, गीताक तेसर अध्याय मे भगवान् कृष्ण द्वारा अर्जुन केँ कर्मयोगक व्याख्या करैत स्वधर्म केँ श्रेयस्कर होयबाक निर्णय सुनेनाय, स्वधर्म मे मरब नीक, स्वधर्म मे कमियो हो सेहो परधर्म सँ नीक, परधर्म भय देमयवाला – कहैत अपन निज कर्म प्रति सजग रहब जरुरी कहलैन अछि। तेकर बाद….) अर्जुनक प्रश्न, अथ गीताः काम आ क्रोध थीक मूल शत्रु – केकरो नहि छोड़ैत अछि

मैथिली मिडियामे क्रान्तिः आबि रहल अछि ‘जेएम न्युज’ चैनेल

  दिल्ली। जनबरी २०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! पी७ चैनेल केर पूर्व प्रोग्राम डायरेक्टर अनुप कुमार कर्ण द्वारा मैथिली मिडिया क्षेत्र मे नव युगक आरम्भ करबाक निर्णय लेल गेल अछि। आनलाइन टेलिविजन चैनेल केर रूप मे ‘जयहिंद मैथिली न्युज’ अर्थात् जेएम न्युज चैनेल केर शुरुआत शीघ्र होयबाक जानकारी करबैत अनुप कुमार कर्ण मैथिली जिन्दाबाद सँ कहलैन मैथिली मिडियामे क्रान्तिः आबि रहल अछि ‘जेएम न्युज’ चैनेल

मैथिली साहित्य महासभा दिल्लीक तैयारीः २१ फरबरी मातृभाषा दिवस

सन्दर्भः २१ फरबरी केँ दिल्ली मे अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस केर आयोजन मैथिली साहित्य महासभा, दिल्ली केर आगामी कार्यक्रम २१ फरबरी अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस केर उपलक्ष्य विभिन्न लक्ष्यक संग हो ताहि लेल एकटा पूर्व लक्षित प्रस्तावना अपने सभक समक्ष राखि रहल छी। खासकय तखन जखन एहि वास्ते पैछला रवि दिन संपन्न मिटींग मे उपस्थित सदस्य लोकनिक मैथिली साहित्य महासभा दिल्लीक तैयारीः २१ फरबरी मातृभाषा दिवस

गीताः स्वधर्म मे मरब नीक, परधर्म भय देमयवला

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे – प्रकृति अपन गुण अनुरूप चेष्टा करबे करत, ताहि अनुरूपे सब केँ कर्म करहे टा पड़ैत छैक, फेर एहि मे निग्रह कि कय सकत… गीताक तेसर अध्यायक ३१-३३ श्लोक उपरान्त) इन्द्रियस्येन्द्रियस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ। तयोर्न वशमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ॥ ३४॥ इन्द्रिय इन्द्रिय केर अर्थमे (प्रत्येक इन्द्रिय केर प्रत्येक विषयमे) मनुष्य केँ गीताः स्वधर्म मे मरब नीक, परधर्म भय देमयवला