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प्रवीण नारायण चौधरी

बिहार दिवस मिथिलावासी केँ कोना उत्साहित करत?

सन्दर्भ बिहार दिवस २२ मार्च – १९१२ – बंग प्रान्त सँ बिहार प्रान्त केर स्वतंत्र अस्तित्व ब्रिटिश राज भारत मे आयल। ताहि सँ पहिने बिहार सूबा केर रूप मे मुगलकालीन नबाब द्वारा नामित होयबाक साहित्यिक-भौतिक पूर्वाधार भेटैत अछि। बिहारक सूबा मे उत्तर क्षेत्र तैयो स्वतंत्र राज केर पहिचान सँ सुसम्पन्न रहल आर बाकी बिहार सँ बिहार दिवस मिथिलावासी केँ कोना उत्साहित करत?

नेपाल संगीत तथा प्रज्ञा प्रतिष्ठानक डबली यात्रा लहान मे

लहान, सिरहा। मार्च २२, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठान द्वारा डबली यात्राक आयोजन हालहि सिरहा जिलाक लहान नगर मे संपन्न भेल अछि। प्राज्ञ रमेश रंजन केर संयोजन मे विभिन्न कलाकार समूह द्वारा एहि यात्रा मे जनजागरणमूलक नाटक – हास्य कला प्रस्तुति सब कैल जेबाक समाचार भेटल अछि। एहि कार्यक्रम मे मिथिला नेपाल संगीत तथा प्रज्ञा प्रतिष्ठानक डबली यात्रा लहान मे

विश्व कविता दिवस पर दिवंगत कवि लोकनिक स्मृति

विराटनगर, मार्च २२, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि सिर्जनविन्दु – विराटनगर द्वारा आयोजित डा. विमला श्रेष्ठ प्रतिष्ठान सभागार मे नेपाली सहित अन्य स्थानीय विकसित भाषाक दिवंगत कवि लोकनिक कालजयी रचनाक कविता केर वर्तमान कवि लोकनि द्वारा वाचन करैत ‘सिर्जनस्मरण’ कार्यक्रम आयोजन कैल गेल। विराटनगर मे मैथिली, नेपाली, मारवाड़ी, उर्दू, हिन्दी, भोजपुरी, आदि विभिन्न भाषा बाजल जाएत विश्व कविता दिवस पर दिवंगत कवि लोकनिक स्मृति

विश्व कविता दिवस पर एकटा खास प्रस्तुति

हमरा हँसी लगैत अछि – प्रवीण नारायण चौधरी   हाहाहा! आब हमरा हँसी लगैत अछि, अपना आप पर, अपन समाज पर, अपनहि लोक-वेदपर! कि कही अपना आप केँ या समाजकेँ… झूठक दिलासा टा लगैत अछि सबटा हमरा! फूइस बाजिकय कतीकाल चलत? केकरा रिझेबय रिक्त बोल-वचन सँ? तैयो हम बजैत छी, कहैत छियैक सब बात, बनि विश्व कविता दिवस पर एकटा खास प्रस्तुति

राष्ट्र, राष्ट्रवाद आ धर्म पर नव चिन्तन कतेक उचित

आलेख – राम कुमार सिंह, मधेपुर, मधुबनी (हाल दिल्ली) धर्म-अधर्म, राष्ट्रवाद-राष्ट्रद्रोह, देशभक्ति-गद्दार शब्द वर्तमान समय में चरम पर देखल जा रहल अछि। समाचार पत्र हुए चाहे प्रिंट मिडिया एखन एही शब्द केर बिना अधूरा बुझना जायत अछि। राष्ट्रवाद शब्द केर दुरूपयोग जाहि तेजी स भ रहल अछि ई वास्तव में हमरा सभक लेल दुर्भाग्यपूर्ण बात राष्ट्र, राष्ट्रवाद आ धर्म पर नव चिन्तन कतेक उचित

साहित्यिकी सरिसवपाही केर मासिक बैसार आइ भेल संपन्न

सरिसव पाही, मधुबनी। मार्च २०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! समाचारः साभार सतीरमण झा “साहित्यिकी”  सरिसब पाहीक मासिक बैसार आइ पाही स्थित श्री अमल कुमार झाक आवास पर वयोवृद्ध साहित्यकार श्री कृपानाथ झा जीक अध्यक्षता मे भेल जाहिमे मुख्य अतिथि रहथि गुरुवर श्रीजीवनाथ मिश्र । एहि अवसर पर साहित्यिक गतिविधि यथा – कथा, कविता पाठक अतिरिक्त पुस्तकक विक्रीक साहित्यिकी सरिसवपाही केर मासिक बैसार आइ भेल संपन्न

मिसू नेपाल मनेलक होली मिलन समारोह लहान मे

लहान, सिरहा। मार्च २०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! लहान मे आइ मिथिला स्टूडेन्ट युनियन नेपाल द्वारा होली मिलन तथा शुभकामना आदान प्रदान कार्यक्रम सम्पन्न कैल गेल अछि । हिन्दु धर्मावलम्बीक महान पर्व होलीक अवसर पर होली मिलन तथा अपन सँस्कृति जोगेबाक लेल अदौकाल सँ गायल जा रहल ‘जोगीरा-गीत’ सब गेबाक कार्यक्रम केर संगहि कवि सम्मेलन सेहो लहानक उद्योग बाणिज्य संघ मिसू नेपाल मनेलक होली मिलन समारोह लहान मे

हरिमोहन झा – मैथिलीक प्रख्यात लेखकक ई ‘पाँच पत्र’

हरिमोहन झा लिखित पाँच पत्र पाँचपत्र (हरिमोहन झा) (१) दड़िभंगा १-१-१९ प्रियतमे अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सएबेर पढ़लहुँ तथापि तृप्ति नहि भेल. आचार्यक परीक्षा समीप अछि किन्तु ग्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि. सदिखन अहीँक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहैत अछि. राधा रानी मन होइत अछि जे अहाँक ग्राम वृन्दावन बनि जाइत, जाहिमे केवल हरिमोहन झा – मैथिलीक प्रख्यात लेखकक ई ‘पाँच पत्र’

मिथिलाक प्रखर उचितवक्ता पं. सुरेश्वर झा हँसिते-हँसिते चलि गेलाह

दरभंगा। मार्च २०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! (समाचार साभार मणिकान्त झा – आकाशवाणी दरभंगा संवाददाता फेसबुक अपडेट) नहि रहलाह मैथिली साहित्यक वरीष्ठ साहित्यकार डा. सुरेश्वर झा । १९-०३-२०११६ शनिक राति मे १०.१५ बजे दरभंगा स्थित अपन आवास पर अंतिम सांस लेलनि । डा. झा केर मैथिली मे लिखल हुनकर पुस्तक ‘संघर्ष आ सेहन्ता’ केर लेल वर्ष मिथिलाक प्रखर उचितवक्ता पं. सुरेश्वर झा हँसिते-हँसिते चलि गेलाह

पाग अपन पहिचान प्रवर्धनक सकारात्मक हस्तक्षेपः धीरेन्द्र प्रेमर्षि!

कुआलालंपुर, मलेशिया। मार्च २०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा एवं साहित्य संग मिथिलाक अपन पहिचान केर स्थापना लेल आजन्म खटनिहार स्रष्टा – अभियानी साहित्यकार, कलाकार, रेडियोकर्मी आ बहुप्रतिभाधनी श्री धीरेन्द्र प्रेमर्षि मैथिली जिन्दाबाद केँ ‘पाग मिथिलाक जनमानस हेतु पहिचान प्रवर्धनक सकारात्मक हस्तक्षेप’ होयबाक प्रतिक्रिया देलनि अछि। श्री प्रेमर्षि वर्तमान समय नेपाली भाषाक अभियानमूलक कार्यक्रम ‘दुइ थोपा पाग अपन पहिचान प्रवर्धनक सकारात्मक हस्तक्षेपः धीरेन्द्र प्रेमर्षि!