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प्रवीण नारायण चौधरी

खाली सोशल साइट पर बड़का गप करैत छथि, यथार्थ मे कि?

मंथन – ब्रजेश मिश्र अपना मिथिलांचल म मैथिली भाषा – मैथिली गीत आओर मैथिली सिनेमा क उपेक्षा कियैक? मैथिली भाषा मे निर्मित चर्चित सिनेमा केँ मिथिलांचल केर प्रमुख सिनेमा घर म  कियैक नै जगह ?? सोशल साइट पर तँ मैथिल लोकैन बड़का-बड़का गप्प लिखताह मुदा सिनेमा आओर गीत सुनताह फुहर भोजपुरी केर । परिवार संगे खाली सोशल साइट पर बड़का गप करैत छथि, यथार्थ मे कि?

एहने बेटा सँ पोता होयत किः एकजुटता सँ सफलता सुनिश्चित

विशेष सम्पादकीय – राम बाबू सिंह, प्रबन्ध सम्पादक, मैथिली जिन्दाबाद, दिल्ली आइ मात्र किछु मास सँ मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा मिथिला राज्य आन्दोलन प्रति पुनः आवाज उठेबाक कार्य आरम्भ भेल अछि, आर एम्हर कतेको स्थापित मठाधीश जे कहय लेल आजन्म आन्दोलनिये बनिकय मिथिला लेल कार्य करैत आबि रहला अछि, एक सँ बढिकय एक काजक एहने बेटा सँ पोता होयत किः एकजुटता सँ सफलता सुनिश्चित

वर्तमान युग मे वैवाहिक सम्बन्ध कमजोर हेबाक कारण कि?

मिथिलामें वैवाहिक सम्बन्ध आब ओतेक मजबूत किऐक नहि? शोध-विचारः प्रवीण नारायण चौधरी १. विवाहक औसत उम्र पहिले सँ बहुत बेसी। बाल विवाह सँ कनेक हँटल रजस्वला धर्मकेर प्राप्ति उपरान्त मिथिलामें आम मैथिल बेटीक विवाह लेल सोचय लगैत छल, ई परंपरा शायद हाल ८० के दशक धरि देखल गेल अछि। एखनहु किछु पिछडल तवकाक लोकजनमें एहि वर्तमान युग मे वैवाहिक सम्बन्ध कमजोर हेबाक कारण कि?

जेहेन भीतर रहू तेहने बाहरो रहूः मिथ्याचार सँ हानि होएछ

विचार‍-मंथनः मिथ्याचारक चाप – प्रवीण नारायण चौधरी (समय-सापेक्ष नैतिक मंथन) जँ भीतर मनमे कूद-कूद मचल रहय आ बाहर सँ ई आवरण चढेने रहब कि जोगी-फकीर छी, तेकरे कहल जाइत छैक मिथ्याचार। आचार-विचार जेहेन भीतर हो तेहने बाहर, भले गुन्डइ भीतर अछि आ बाहरो अछि तऽ संसार ओकरा नीके कहैत छैक, खास कऽ के एहि कलियुगमे। जेहेन भीतर रहू तेहने बाहरो रहूः मिथ्याचार सँ हानि होएछ

सुच्चा मैथिल द्वारा मुम्बई मे हंगामाः मुरलिधर नाइट केर आयोजन

राम नरेश शर्मा, सुच्चा मैथिल, मुम्बई। सितम्बर १७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! सुच्चा मैथिल संस्था द्वारा फ्री हेल्थ चेक-अप एवं किडनी ट्रांसप्लांटेशन लेल आर्थिक मदद केर अपील सुच्चा मैथिल संस्था द्वारा आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव केर उपलक्ष्य मे नालासोपारा केर संतोषभुवन केर स्वामी विवेकानन्द स्कूल मे भोर 9-12 बजे धरि भगवान विश्वकर्माक विधि-विधान सँ पूजन और दुपहर 2-4 बजे धरि फ्री हेल्थ सुच्चा मैथिल द्वारा मुम्बई मे हंगामाः मुरलिधर नाइट केर आयोजन

विराटनगर मे २३ सितम्बरकेँ अहोरात्रि होयत मशहूर मुशायरा

विराटनगर, सितम्बर १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आगामी 23 सितम्बर विराटनगर केर ऐतिहासिक भूमि पर प्रसिद्ध आ सर्वथा लोकप्रिय कार्यक्रम मुशायरा होमय जा रहल अछि। ई अहोरात्रि चलयवला कार्यक्रम थीक। चूँकि एकर पहिल प्रस्तुति बन्द सभागार में एतेक भव्य भेल जे तहिये स ई निर्णीत छल जे एहेन भव्य कार्यक्रम खुल्ला मैदान में राखल जाय, ताहि विराटनगर मे २३ सितम्बरकेँ अहोरात्रि होयत मशहूर मुशायरा

महापुरुषों को जातीय परिधि में परिवेष्ठित करना बन्द करो

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिला के कुछेक लोगों ने कुटिलतापूर्वक मिथिला और मैथिली को किसी एक जाति का बपौती प्रमाणित करने पर तुले हुए हैं, वो अक्सर विद्यापति जैसे महान क्रान्तिकारी नाम अनुरूप गुणी विद्वान् और जनप्रिय कवि पर भी जातिवादी टिप्पणी करने से नहीं चूकते हैं…. ऐसे लोगों को विद्यापति का परिचिति तो महापुरुषों को जातीय परिधि में परिवेष्ठित करना बन्द करो

नेपालक प्रधानमंत्री प्रचंड चारि दिनक औपचारिक भारत यात्रा पर

काठमान्डु, १५ सितम्बर, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि नवनिर्वाचित नेपालक प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड केर आइ सँ चारि दिनक भारत भ्रमण आरम्भ भेल अछि। आइ भिनसरे ११ः३० बजेक आरएनए २०५ एयरक्राफ्ट मे १२५ जनक नेपाली प्रतिनिधि टोलीक संग प्रधानमंत्री काठमान्डुक त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रीय विमानस्थल सँ भारतक राजधानी दिल्ली दिस प्रस्थान केलनि अछि। नेपाली प्रधानमंत्री प्रचण्ड भारतीय नेपालक प्रधानमंत्री प्रचंड चारि दिनक औपचारिक भारत यात्रा पर

गाम-गाम मे फेर सँ बहत मैथिलीक अविरल धाराः मधुबनी जागि गेल

कलना महादेवस्थान, मधुबनी। सितम्बर १५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा मे रचनाशीलताक इतिहास बहुत गहिंर रहलैक अछि। परन्तु पैछला कतेको दसक मे मिथिला बिहारक एकटा उपनिवेश समान बनि गेलाक बाद आ बिहार सरकारक घोर उपेक्षा सँ एहि भाषाकेँ मरणासन्न अवस्था मे पहुँचेलाक बाद स्वयं मैथिलीभाषी द्वारा अपन भाषाक प्रयोग करब धरि लज्जाक अनुभूति देबाक उदाहरण गाम-गाम मे फेर सँ बहत मैथिलीक अविरल धाराः मधुबनी जागि गेल

अन्धेर नगरी चौपट राजाः दिल्ली बीमार, सरकार आ डाक्टर छुट्टीपर

विशेष सम्पादकीय – रामबाबू सिंह, प्रबन्ध सम्पादक, मैथिली जिन्दाबाद देशक राजधानी महामारीक राजधानी में परिवर्तित भS चुकल अछि। डेंगूक राजधानी, चिकनगुनियाक राजधानी जानलेबा बुखारक राजधानी मुदा अहु सँ बेसी बदइंतजामी आ अव्यवस्थाक राजधानी में बदलि गेल अछि दिल्ली। अस्पताल त स्वयं रोगग्रस्त बुझना जाएत अछि, नहि बिस्तर भेट रहल छैक आ नहि डाक्टर। दिल्ली मे अन्धेर नगरी चौपट राजाः दिल्ली बीमार, सरकार आ डाक्टर छुट्टीपर