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प्रवीण नारायण चौधरी

संपन्न भेल राम-जानकी विवाहपंचमी मे विवाहोत्सव

राम-जानकी विवाहपञ्चमी विशेष: जानकी समान अर्धांगिनी पाबि धन्य भेलाह रघुवर – सुजीत कुमार झा, जनकपुर। दिसम्बर ५, २०१६. कोने नगरके सिन्दुरिया सिन्दुर बेचए आयल हे आ हे कोन नगरके कुमारी सिन्दुर बेसाहल हे ॥ अयोध्या नगरके सिन्दुरिया सिन्दुर बेचए आयल हे आ हे जनक नगरके कुमारी सिन्दुर बेसाहल हे ॥ ई गीत सिनदुरदानक अछि आर एहि गीतक संग किशोरीजी संपन्न भेल राम-जानकी विवाहपंचमी मे विवाहोत्सव

आइ फेर सँ राम शिवधनुष भंगकय सीता सँ स्वयंवर रचौलनि

राम-जानकी विवाह पञ्चमी महोत्सव विशेष: रंगभूमिमे स्वयंवर भेल, हजारों श्रद्धालू-भक्त बनला एहि विशेष अवसरक साक्षी – सुजीत कुमार झा, जनकपुर । दिसम्बर ४, २०१६. राम-जानकी विवाह पंचमी केर महोत्सव मे आइ स्वयंवर सेहो भइए गेल । एक हप्तासँ स्वयंवरकेँ लऽ कऽ उत्सुकता छल । मिथिला दरबारसँ जानकीजी आ अयोध्या दरबारसँ भगवान राम जनकपुरक ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान पहुँचल आइ फेर सँ राम शिवधनुष भंगकय सीता सँ स्वयंवर रचौलनि

साहित्यांगनक वार्षिकोत्सवः शब्दकोशकार पं. भवनाथ मिश्र केर स्मृति

झंझारपुर, दिसम्बर ३, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ झंझारपुर केर किसान भवन मे साहित्यांगन द्वारा वार्षिकोत्सव कार्यक्रम संपन्न कैल गेल अछि। विदित हो जे पिछला एक वर्ष सँ साहित्यांगन द्वारा प्रत्येक मास दिवंगत मैथिली साहित्यकार लोकनिक पुण्य तिथि जाहि मास मे पड़ैत छल ताहि मास मे हुनक स्मृति विशेष रूप सँ मासिक आयोजन मे मनबैत छल। एहि तरहें साहित्यांगनक वार्षिकोत्सवः शब्दकोशकार पं. भवनाथ मिश्र केर स्मृति

जनकपुर केर गंगासागरपर जानकीक मटकोर, लाखों श्रद्धालू सहभागी

रामजानकी विवाहपञ्चमी महोत्सव विशेषः जानकीक मटकोर करावए सुनयना गंगासागर पहुँचली – सुजीत कुमार झा, जनकपुर। दिसम्बर ३, २०१६.  राम-जानकी विवाह महोत्सव केर आइ पाँचम दिन मटकोर समारोहपूर्वक संपन्न भेल अछि । आइ महिलासभक दिन छल । आजुक मोर्चा जनकजीकेर नहि सुनयनाकेँ सम्हारबाक रहन्हि । किशोरीजीकेँ लऽ कऽ माता सुनयना स्वयं अपन सखीबहिनपा संगे तय समय पर जनकपुर केर गंगासागरपर जानकीक मटकोर, लाखों श्रद्धालू सहभागी

राम-जानकी विवाह महोत्सव मे तिलक चढेबाक उत्सव संपन्न

रामजानकी विवाह महोत्सव विशेषः तिलकोत्सव सम्पन्न, आब विवाहक तैयारी – सुजीत कुमार झा, जनकपुर। दिसम्बर २, २०१६ । आइ अयोध्या दरबारक दिन छल, भगवान रामकेँ छेकबाक दिन छल । आब ओ चाहिओ कऽ दोसर विवाह नहि कऽ सकैत छथि । जनकपुरक ऐतिहासिक राम मन्दिरक महन्थ अपनाकेँ दशरथजीक भूमिकामे देखल गेलाह । जेना राम मन्दिर अयोध्या राम-जानकी विवाह महोत्सव मे तिलक चढेबाक उत्सव संपन्न

जनकपुर मे राम-जानकी विवाह महोत्सवः आइ धनुष भंग भेल

रामजानकी विवाहपञ्चमी विशेषः मिथिलामे सभा लागल, फेरसँ शिवक धनुष टूटल – सुजीत कुमार झा, जनकपुर। आइ फेरसँ मिथिलामे जनक दरबार सजल देखायल । सीता स्वयंवर लेल जनकक संकल्प जे शिवधनुष भंग कएनिहार मात्र सीता सँ विवाह कय सकता, ताहि लेल ई सभा जनकपुर मे विवाह पंचमीक अवसरपर हर वर्ष लगैत आबि रहल अछि। आजुक सभा मे जनकपुर मे राम-जानकी विवाह महोत्सवः आइ धनुष भंग भेल

झंझारपुर ‘साहित्याङ्गन वार्षिकोत्सव’ आमंत्रण

झंझारपुर, दिसम्बर २, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! अगहन शुक्ल चौठ तदनुसार 03/12/2016 शनिदिन साहित्याङ्गन बार्षिकोत्सव आयोजित अछि। समय:- 11 बजे दिन सँ। स्थान:- झंझारपुर जनता कॉलेज। कार्यक्रम:- 1. अ: – परमादरणीय मिथिला बिभूति पं0 गोबिन्द झा: – पं0 भव नाथ मिश्र शिखर साहित्य सम्मान 2016। आ: – परमादरणीय डॉ0 जगदीश मिश्र: – कृतज्ञ साहित्याङ्गन बिशिष्ट सम्मान झंझारपुर ‘साहित्याङ्गन वार्षिकोत्सव’ आमंत्रण

मिथिलाक अति-विशिष्ट पर्वः राम-जानकी विवाह पंचमी विशेषांक

विवाह पंचमी विशेषः मिथिला मे विवाहक अवसर पर गीतक प्रकार आ भाव गीत संग्रहः शिव कुमार झा टिल्लू   मिथिलाक विवाह मे मैथिली गीत लुप्त भ’ रहल अछि। महान गीतकार स्नेहलताक बाद डा. चंद्रमणि सेहो विवाह गीत केर लेखन परंपरा केँ आगाँ बढ़ौलनि। तहिना राम सेवक ठाकुर जी सेहो एहि विधा मे बहुत नीक योगदान मिथिलाक अति-विशिष्ट पर्वः राम-जानकी विवाह पंचमी विशेषांक

बिहारी होयबा पर कथीक गर्व करैत छी?

कि, अहाँ सेहो बिहारी होयबा पर गर्व करैत छी?   *अहाँक लिट्टी-चोखा आइ धरि फूटपाथ आ ठेला मे पड़ल अछि।   *अहाँक अपन भाषा केँ राज्य द्वारा मान्यता नहि देल गेल अछि।   *अहाँक भाषा मे कोनो प्रकाशन वा समाचारपत्र मुश्किले सँ भेटैत अछि।   *युवा सतति पलायन कय रहल अछि।   *शायदे कोनो साहित्य बिहारी होयबा पर कथीक गर्व करैत छी?

विद्यापति स्मृति प्रति स्वीकार्यता बढबाक महत्वपूर्ण कारण

आलेखः विद्यापति स्मृति पर्व समारोह प्रति बढैत स्वीकार्यता – प्रवीण नारायण चौधरी महाकवि विद्यापति केर स्मृति मे समारोहक आयोजन आब नेपाल आ भारतहि केर मैथिल टा मे नहि बल्कि आरो-आरो देश मे मनेबाक दृष्टान्त देखाय लागल अछि। हालहि कतारदेशक राजधानी दोहा मे प्रवासी मैथिल सब साँझक चौपाड़ि केर मासिक आयोजन केँ निरंतरता दैत लगातार दोसर बेर विद्यापति स्मृति प्रति स्वीकार्यता बढबाक महत्वपूर्ण कारण