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प्रवीण नारायण चौधरी

दोहा – कतार मे सेहो मनल ‘मधेश बलिदानी दिवस’

रविन्द्र उदासी, दोहा, कतार। जनवरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! कतारमे मनाओल गेल – मधेश बलिदानी दिवस जनवरी १८ तारीख तदनुसार ५ माघ २०७३ साल बुध दिन कतारक सनैयामे मधेशी युवावर्गसब द्वारा मधेश बलिदानी दिवस मनाओल गेल। ज्ञातव्य अछि जे आइ सँ दस बर्ष पूर्व एहि माघ ५ गतेक दिन अपन हक/अधिकार लेल मधेश केर वीर सपूतसब दोहा – कतार मे सेहो मनल ‘मधेश बलिदानी दिवस’

डीडी मैथिली तथा आकाशवाणी केन्द्र लेल आन्दोलनः मिरानिसे

दरभंगा, जनवरी २०, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा मधुबनी जिला मे आकाशवाणी केन्द्रक स्थापना लेल २००४ मे तत्कालीन सूचना तथा प्रसारण मंत्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा आधारशिला पर्यन्त राखल गेलाक बाद आगामी यूपीए सरकार द्वारा राज्य सरकार मार्फत जमीन सम्बन्धी आवश्यक कार्रबाई समय पर पूरा नहि होयबाक कारण बाद मे एहि योजना केँ स्थगन डीडी मैथिली तथा आकाशवाणी केन्द्र लेल आन्दोलनः मिरानिसे

स्वामी हृदय नाथ शास्त्री द्वारा भागवत कथा प्रवचन खजौली मे

रवीन्द्र भारती, खजौली, मधुबनी। जनवरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! खजौली बाजर मे ७ दिवसीय भगवत पुराण वाचन स्वामी हृदय नाथ शात्री द्वारा दिनांक १८.०१.०१७ सँ प्रारम्भ भेल अछि जाहि मे भक्त-श्रद्धालू लोकनिक भारी भीड़ जुटि रहला अछि। स्वामी शास्त्री केर एहि सँ पहिले ७ दिवसीय कार्यक्रम कन्हौली पंचायत मे भेल छल। कन्हौली और अगल बगल केर श्रोता स्वामी हृदय नाथ शास्त्री द्वारा भागवत कथा प्रवचन खजौली मे

मधुबनी अभाविप बैठक संपन्न, ६ फरबरी होयत जिला सम्मेलन

रवीन्द्र भारती, खजौली, मधुबनी। जनवरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि दिनांक १८ जनवरी केँ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् केर मधुबनी मे होमयवला आगामी जिला सम्मेलन केर विषयपर बैसार कैल गेल जाहि मे प्रदेश मे प्राथमिक सँ लैत उच्च शिक्षाक बदहाली, शिक्षकक घोर कमी, छात्र संघ चुनाव, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बांग्लादेशी घुसपैठ, बढ़ैत अपराध आदि मुद्दा पर सम्पूर्ण मधुबनी अभाविप बैठक संपन्न, ६ फरबरी होयत जिला सम्मेलन

गधकिच्चन….. सरबे हौ! भन्नहि भेल्लहः संतोषीक तीर

गधकिच्चन…….!! – संतोष कुमार संतोषी, धरान, नेपाल (मूलः द्वालक, मधुबनी) सरबे हौ…… भन्नहि भेल्लह. !! सहर नगर जे जतय छी ऐहिबेर, चलै चलू सब गाम ! अपना मोनक मुखिया चुनबै, करबै जनहित कल्याण !! अपना करम के धुनलह – मुखिया त मोनहि के चुनलह ! आब की…. ठूठूआ नै लेल्लह.. सरबे हौ… भन्नहि भेल्लह !! गधकिच्चन….. सरबे हौ! भन्नहि भेल्लहः संतोषीक तीर

प्रसिद्ध गीतकार डा. चन्द्रमणि केर नवका गीत ‘हाय रे तोरी भल्ला के!’

गीत – डा. चन्द्रमणि झा, दरभंगा हाय रे तोरी भल्ला के ! खाली अपने देह ने तकियौ ओहि गामवाली के देखियौ कनसा के ओ मोटकी कनियाँ छोड़िके भगलै पहिलुक दुनियाँ जकरा घर बुनियाँ छनि रहलै ढेका धएलक लल्ला के।। हाय रे तोरी… ओकरा घर मे जाधरि रहलै सतभतरी सन उलहन सहलै आब समध कए नव प्रसिद्ध गीतकार डा. चन्द्रमणि केर नवका गीत ‘हाय रे तोरी भल्ला के!’

हे गै दिलतोड़िया दिल हमर किऐ तोड़लें गैः कमल महतोक गीत

गीतकार-गजलकारः कमल महतो, जनकपुर गजल   किए गेलौ पिया सात समुन्द्र पार यौ। अाइब जाउ पिया छोड़िकऽ कतार यौ॥   सुनसान लगैअ घर अाँगन अा दलान यौ। निक न लगैयऽ करैत अहाँ बिन सिंगार यौ॥   ने चाही कोठा अटारी ने चाही मकान यौ। ने चाही गरो-गहना ने चाही लाख हजार यौ॥   सब दुनिया हे गै दिलतोड़िया दिल हमर किऐ तोड़लें गैः कमल महतोक गीत

मिथिलाक पावनिक विशिष्टताः कुमारि कन्याक तुसारी पूजा

मिथिलामे कुमारी कन्याक तुसारी पावनि – सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम जनकपुर उपमहानगरपालिका ८क पिंकी चारिम बेर तुसारी पूजि रहल छथि । माघ महिनाभरि होबएबला एहि पावनिकेर क्रममे प्रत्येक दिन भोरवामे पिंकी ई पूजा करैत छथि । हमरासभक लेल ई महत्वपूर्ण पावनि अछि तएँ बहुत निष्ठाक संग ई पूजा करैत छी ओ कहलीह । जनकपुर ४क निकी मिथिलाक पावनिक विशिष्टताः कुमारि कन्याक तुसारी पूजा

बेकाजक एटीएम सँ परेशान अछि खजौलीक जनता

रवीन्द्र भारती, खजौली, मधुबनी। जनवरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! खजौली प्रखंड मे मुख्य रुपे दू टा बैंक अछि, एक स्टेट बैंक अफ इंडिया आर दोसर सेन्ट्रल बैंक अफ इंडिया, आर ग्राहक-जनताक नजरि मे ई दुनू अनियमितता सँ भरल रहबाक बात कहल जाएत अछि । एटीएम सेहो दू टा अछि दुनू शाखा केर, परंतु कहियो पाइ नहि निकलैत अछि । बेकाजक एटीएम सँ परेशान अछि खजौलीक जनता

अशोक कुमार सहनीक मैथिली गजलः सरल वार्णिक बहर – १६

।। गजल ।। नहिं एलै राति निन्द बस लिखैत गेलहुँ अपन दर्द कागज पऽ निखारैत गेलहुँ रही जमिनपऽ कोना छुबि सकब अकाश बस तरेगन बिच, चाँद निहारैत गेलहुँ कमजोर रहितौँ तऽ कहिया टूटि जैतहुँ छी नरम ठाढि सभ आगु झुकैत गेलहुँ ओ जहिना-जहिना बदलैत गेलै रस्ता हम ई जीनगीकेँ ओहिना पिसैत गेलहुँ आयल अशोककें जीनगीमे हावा अशोक कुमार सहनीक मैथिली गजलः सरल वार्णिक बहर – १६