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प्रवीण नारायण चौधरी

यदुवंश (यादव) आ मिथिला

मिथिलाक ऐतिहासिकता मे यदुवंशी समाजक परिचय – प्रवीण नारायण चौधरी यदुवंश (यादव) आ मिथिला   राजा ययातिक धर्मपत्नी देवयानीक पुत्र आ दैत्यगुरु शुक्राचार्यक नाती छलाह यदु। अपन राजा पिता ययाति द्वारा विशेष प्रसंगवश युवावस्था सौंपबाक मांग केँ यदु द्वारा नकारबाक कारण हुनका राज्याधिकार सँ वंचित कएल गेल, संगहि वंश-गौरव अर्थात् चन्द्रवंशी राजपूत कहेबाक अधिकार सँ वंचित यदुवंश (यादव) आ मिथिला

मैथिली कथाकार सुजीत झा केर टटका कथाः सुलेखा दीदी

मैथिली कथाः सुलेखा दीदी सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम हमर आंगुर पकरने भीतर गेलीह । फेर बामा मुड़ली आ एकटा सीट पर बैसि रहलीह । हम हुनक कोरामे बैसले छलहुँ की अचानक आगामे पर्दापर रंगक ईन्द्रधनुष उतरि आएल । जे संगीत बजि रहल छल, ओकर झनकार हमरा रंगक रथपर बैसा कऽ दोसर संसारमे लऽ जा रहल मैथिली कथाकार सुजीत झा केर टटका कथाः सुलेखा दीदी

हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय – आधुनिक मैथिली खिस्सा

खिस्सा – हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय   – प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (हालः दिल्ली) बड्ड नमहर विचार विमर्श आ नाप जोखक बाद स्वंय हम आ हमर अप्पन पत्नी अहि निर्णय पर पहुँचलौं जे घर में काजवाली आब भोरे ९ बजे के बाद औती.   असल में ओ भोरे आठ बजे आबैत हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय – आधुनिक मैथिली खिस्सा

परशुराम जयंती पर बनगाँव सँ सहरसाक मत्स्यगंधा धरि विशाल शोभायात्रा २८ केँ

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। अप्रैल २०, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! बीतल मंगल दिन १८ अप्रैल केँ परशुुराम विचार मंचक बैसार संरक्षक राहुल झा केर अध्यक्षता में रामनवमी मैदान में आयोजित भेल जाहि में परशुराम जयंतिक आयोजन हेतु कयल जा रहल तैयारी पर चर्चा कयल गेल । बैठक मे सर्वसहमति स निर्णय लेल गेल जे २८ अप्रैल भगवान परशुराम जयंति पर परशुराम जयंती पर बनगाँव सँ सहरसाक मत्स्यगंधा धरि विशाल शोभायात्रा २८ केँ

मिथिलाक ऐतिहासिकता मे मधेपुराक इतिहासपुरुष लोकदेव “खेदन महाराज”

मिथिलाक ऐतिहासिकता मे लोकदेव “खेदन महाराज” – मूल आलेखः डा. लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव, भावानुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   ११ शताब्दी मे मधेपुरा सँ लगभग १० कि.मी. पूब-दक्षिण सुखानसन गामवासी एक प्रसिद्ध लोकदेव भेलाह ‘खेदन महाराज’। शिवदत्त मंडल केर धर्मपत्नी धनावतीक कोखि केँ नेहाल कयकेँ कीर्तिमूर्धन्य जीवन आर लोककल्याणकारी मृत्यु केँ अवगाहन कयकेँ आवेश-विग्रह सँ लोकपूजित होमयवला मिथिलाक ऐतिहासिकता मे मधेपुराक इतिहासपुरुष लोकदेव “खेदन महाराज”

मैथिली ठाकुर पहुँचि गेली ‘राइजिंग स्टार फिनाले’ मे

अप्रैल १७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!  भारत सहित दुनियाक विभिन्न देश मे देखल जा रहल लोकप्रिय टैलेन्ट शो – कलर्स टेलिविजन केर राइजिंग स्टार आब करीब-करीब अन्तिम निर्णायक विन्दु धरि पहुँचय लागल अछि। बीतल शनि ओ रवि दिन सूपर ६ मे व सूपर ५ केर मुकाबला देखबाक लेल भेटल। एहि दुनू दिन गोल्डेन टिकट टू फिनाले मैथिली ठाकुर पहुँचि गेली ‘राइजिंग स्टार फिनाले’ मे

मिथिलाक अमर प्रेमकथाः फुलबा-कटोरबाक प्रेम

फुलबा-कटोरबाः मिथिलाक लयला-मजनू – मूल लेखः डा. लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव (भावानुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) युगल प्रेमी-प्रेमिका मे बहुत रास नाम अपन अलग विशेषताक संग लोकमानस मे प्रसिद्धि पबैत अछि, एहने एक युगल प्रेमी-प्रेमिका मिथिला समस्तीपुर जिलाक रोसड़ा प्रखण्ड अन्तर्गत दसौत गामक प्रसिद्धि पेने अछि जेकर नाम थिक ‘फुलबा-कटोरबा’। अपन प्रेमक परीक्षा – तेकर प्राणताक प्रमाण मिथिलाक अमर प्रेमकथाः फुलबा-कटोरबाक प्रेम

जाति-धर्म आ तुष्टिकरणक राजनीतिक दुष्परिणामः मिथिलाक हृदयस्थली मे धार्मिक दंगा शुरू

सम्पादकीय ई सब गलत राजनीतिक सूत्र केर प्रयोगक दुष्परिणाम थिक विगत किछु समय सँ मिथिलाक हृदयस्थली दरभंगा आ मधुबनी सँ हिन्दू आ मुसलमान समुदाय बीच जगह-जगह झड़प होयबाक समाचार सुनय मे आबि रहल अछि। झड़पक कारण एक समुदाय द्वारा दोसर समुदायक उत्सव आदि मे बाधक बनब, केकरो धार्मिक भावना केँ उकसायब, आदि सुनबा मे अबैत जाति-धर्म आ तुष्टिकरणक राजनीतिक दुष्परिणामः मिथिलाक हृदयस्थली मे धार्मिक दंगा शुरू

समाज केर सेवा मे समर्पित व्यक्तित्वः सत्य नारायण झा – मधेपुरा

समाचार साभारः हिन्दी अखबार प्रस्तुतिः मनीष कुमार सहाय वर्मा – बिहार १०० के आगे सत्यनारायण झा, उम्र ५५ वर्ष, मधेपुरा हाईस्कूल मे हेडमास्टर छथि सत्यनारायण तीन साल सँ बाल सुधार केन्द्र चला रहला अछि पहिला सँ दसम कक्षाक छात्र केँ मुफ्त पढबैत छथि कम सँ कम १०० छात्र पढाई कय रहल अछि हिनका द्वारा संचालित समाज केर सेवा मे समर्पित व्यक्तित्वः सत्य नारायण झा – मधेपुरा

गीत गोविन्द आ जयदेवः मिथिला सँ बंगाल-उड़ीसा धरि

मिथिलाक ऐतिहासिक धरोहरः गीत-गोविन्द आ जयदेव मूल लेखः डा. लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव  अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी १२म शदी मे पूर्वी मिथिलाक राजा लक्ष्मण सेन केर दरबारी भोजदेव केर पुत्र महाकवि जयदेव केर अस्तित्वकाल ठहरैत अछि। हिनक सुप्रसिद्ध रचना थिक – ‘गीत-गोविन्द’। एकर रचना-प्रणाली पर बौद्ध व सिद्ध लोकनिक गीति-परम्पराक प्रभाव अछि। एहिमे वर्णित श्रीकृष्ण कथाक गीत गोविन्द आ जयदेवः मिथिला सँ बंगाल-उड़ीसा धरि