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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिलाक्षर मे नाम व सूचना पट्ट लगेबाक कार्य बनगाँव सँ आरम्भ

साभारः रमेश चन्द्र झा वाह, आनंद आबि गेल । पहिने सिखानाई फेर सिखेनाई आ तकर बाद एहि तरहक प्रचार-प्रसार ! सब किछु अद्भुत, सराहनीय आ अनुकरणीय । सभ अभियानी केँ बधाई ! इएह लगन आ निस्पृह भाव सँ मिथिलाक्षरक पहुंच घर-घर तक सुनिश्चित भऽ सकैछ । मिथिलाक गौरवशाली गाम “बनगाँव” एक बेर पुनः मिथिलाक स्वर्णिम अतीत केँ मिथिलाक्षर मे नाम व सूचना पट्ट लगेबाक कार्य बनगाँव सँ आरम्भ

कुशेश्वर स्थान समीप ग्रामीण बिनोद मुखिया आ दशरथ मुखिया द्वारा कमला पर पुलक निर्माण

कुशेश्वर स्थान, ६ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! साभार संजय सिंह जी – फेसबुक स्टेटस सँ पढ़ने रही जे आवश्यकता आविष्कार केर जननी होइछ। ई तस्वीर ग्राम कौनियां, कुशेश्वर स्थान पुर्वी, जिला दरभंगा केर छी। कमला नदी पर पुलक निर्माण गैर-परंपरागत ढंग सँ कयल जा रहल अछि। गामहि केर बिनोद मुखिया और दशरथ मुखिया एहि पुलक आर्किटेक्ट छथि।कारीगरी कुशेश्वर स्थान समीप ग्रामीण बिनोद मुखिया आ दशरथ मुखिया द्वारा कमला पर पुलक निर्माण

विश्वरंजन जी संग अन्तर्वार्ता – मिथिलाक प्रत्येक व्यक्ति मे जनकल्याणकारी अन्तर्शक्ति समाहित अछि

अन्तर्वार्ता – मिथिलाक प्रत्येक व्यक्ति मे आइयो भेटैत अछि जनकल्याणकारी अन्तर्शक्ति “मिथिला मे मृत्युभोज चलबाक चाही लिमिटेशन्स मे, कि जहिना चलैत छै ओहिना रहबाक चाही? अपन विचार देल जाउ। अपन ओपिनियन देबाक कष्ट करबै।” मैसेन्जर पर एकटा महत्वपूर्ण जिज्ञासा करैत छथि एक सज्जन। प्रश्न सब अबैत रहबाक कारण जतेक संभव होइत अछि अपन विचार सँ विश्वरंजन जी संग अन्तर्वार्ता – मिथिलाक प्रत्येक व्यक्ति मे जनकल्याणकारी अन्तर्शक्ति समाहित अछि

शान्ति एना भेटैत छैक – मैथिली लघुकथा

#लघुकथासखीबहिनपा शान्ति एना भेटैत छैक – Vandana Choudhary एकटा कहबी छैक न जे जेकर किओ नहि तेकर भगवान् होइत छथिन। यैह बात चरितार्थ भेलैक रोहनक जीवन मे। बड बच्चा रहय तखनहि बाप जानलेबा बीमारीक शिकार बनि गेल रहैक। माय कोना-कोना रोहन सहित ३ भाइ-बहिन केँ पोसलक, पढेलक-लिखेलक आ योग्य बनाकय मनुष्यलोक मे अपन भागीदारी खूब नीक शान्ति एना भेटैत छैक – मैथिली लघुकथा

नहि रहलाह डीए साहेब – मिथिला पब्लिक स्कूल फारबिसगंज केर डायरेक्टर

जोगबनी, ५ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!  शिक्षाविद समाजसेवी केर असामयिक निधन, शोक सम्वेदना लेल जोगबनी मे जुटल मैथिल समाज फारबिसगंज केर भदेश्वर निवासी समाजसेवी व मिथिला पब्लिक स्कूल केर डायरेक्टर विकास मिश्रा उर्फ डीए साहेब (६० वर्ष) केर अल्पजीवन मे इहलोक छोड़ि परलोक गमन कय गेलाह। हुनक मृत्युक समाचार सुनि जोगबनी-विराटनगर केर मैथिल समाज शोकमग्न नहि रहलाह डीए साहेब – मिथिला पब्लिक स्कूल फारबिसगंज केर डायरेक्टर

अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव अहमदाबाद मे ३ फरवरी केँः के सब औता – कि सब होयत

अहमदाबाद, ५ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! आगामी ३ फरवरी २०१९ केँ अहमदाबाद मे आयोजित होयत ‘अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव २०१९’। शाश्वत मिथिला आ माँ जानकी सेवा समिति (सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था) केर तत्वावधान मे ई कार्यक्रम कयल जा रहल अछि जाहि मे देश-विदेश सँ अनेकों उद्यमी आ लगानीकर्ता लोकनि एकत्रित होमय जा रहल छथि। भाषा-साहित्य केर अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव अहमदाबाद मे ३ फरवरी केँः के सब औता – कि सब होयत

मिथिलानी सभक बढैत सहभागिता मिथिला लेल शुभ संकेत दैत अछि

विशेष सम्पादकीयदिल्लीक रविन्द्र भवन – मेघदूत परिसर मे आयोजित छल २ दिवसीय मलंगिया महोत्सव। अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली साहित्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव – मैथिलीक महान नाटककार-विद्वान् व्यक्तित्व श्री महेन्द्र मलंगिया पर केन्द्रित एहि कार्यक्रमक संयोजन कएने छलाह श्री ऋषि कुमार झा ‘मलंगिया’। मधुबनी जिलान्तर्गत एक गामक नाम थिक ‘मलंगिया’। परञ्च एहि गामक एक सुपुत्र जखन मैथिली साहित्यक मिथिलानी सभक बढैत सहभागिता मिथिला लेल शुभ संकेत दैत अछि

राम सोगारथ यादव केर ५ गोट मैथिली काव्य रचना

विराटनगर, ५ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपाल मे मैथिली लेखन मे युवा तुर केर कवि सब काफी अग्रसर छथि। जखन कि विद्यालय स्तर मे पढाई वास्ते ई विषय केर विकल्प रहितो शिक्षकक अभाव मे पढबाक अवस्था ओतेक नीक नहि अछि, तथापि मातृभाषा प्रति निजी स्नेह केर कारण लेखनी मे ई लोकनि काफी आगू रहैत छथि। राम सोगारथ यादव केर ५ गोट मैथिली काव्य रचना

सखी-बहिनपा लोकनिक आनलाइन मैथिली लघुकथा प्रतियोगिता

विराटनगर, ५ जनवरी २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! सखी-बहिनपा फेसबुक ग्रुप द्वारा मिथिलाक सजग नारी समाज साहित्यिक जागरण मे सेहो आगू बढि रहली अछि। एहि ग्रुप केर संस्थापक एवं संचालक श्रीमती आरती झा द्वारा सब सखी-बहिन सँ लघुकथा लिखिकय #लघुकथासखीबहिनपा केर मुख्य प्रतियोगितात्मक शीर्षक अन्तर्गत पठेबाक अनुरोध कयलीह अछि। एखन धरि दर्जनों सखी-बहिन लोकनि अपन-अपन लघुकथा पोस्ट सखी-बहिनपा लोकनिक आनलाइन मैथिली लघुकथा प्रतियोगिता

नव वर्ष २०१९ केर नव संकल्प – अष्टावक्र संहिता स्वाध्यायक सुन्दर विकल्प

स्वाध्याय नव वर्ष २०१९ मे ‘अष्टावक्र संहिता’ केर स्वाध्यायक संकल्प संग आइ श्रीगणेश कय रहल छी –   प्रथम अध्याय – आत्मज्ञान केर उपदेश (Instruction of Self-Realization) जनक उवाच। कथं ज्ञानमवाप्नोति कथं मुक्तिर्भविष्यति। वैराग्यं च कथं प्राप्तमेतद् ब्रुहि मम प्रभो॥१॥ जनक पूछलखिन – ज्ञानक प्राप्ति कोना होयत? मुक्ति केना भेटत? वैराग्य प्राप्ति केना संभव होयत? नव वर्ष २०१९ केर नव संकल्प – अष्टावक्र संहिता स्वाध्यायक सुन्दर विकल्प