कोन बेर मे के की कयलक, मोने अछिः मैथिली कवि शिरोमणि उदय चन्द्र झा ‘विनोद’ केर टटका कविता
कविता – उदय चन्द्र झा ‘विनोद’ मोने अछि ःःःःःः कोन बेर मे के की कयलक, मोने अछि के कतबा अपना घर धयलक ,मोने अछि के ककरा कतबा होलियौलक, मोने अछि के कतबा अडवाल बढौलक , मोने अछि ठाम ठाम गुंडा के सेना, मोने अछि कते निरर्थक बहल पसेना, मोने अछि गर घीचि जे लगलै नारा, … कोन बेर मे के की कयलक, मोने अछिः मैथिली कवि शिरोमणि उदय चन्द्र झा ‘विनोद’ केर टटका कविता









