रामचरितमानस मोतीः श्री राम केर श्रृंगवेरपुर प्रवेश आ निषाद द्वारा सेवाक प्रसंग
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम केर श्रृंगवेरपुर पहुँचब, निषाद द्वारा सेवा १. शुद्ध (प्रकृतिजन्य त्रिगुण सँ रहित, मायातीत दिव्य मंगलविग्रह) सच्चिदानंद-कन्द स्वरूप सूर्य कुल के ध्वजा रूप भगवान श्री रामचन्द्रजी मनुष्यक सदृश एना चरित्र करैत छथि जे संसाररूपी समुद्र के पार उतरबाक लेल पुल समान अछि। २. जखन निषादराज गुह ई … रामचरितमानस मोतीः श्री राम केर श्रृंगवेरपुर प्रवेश आ निषाद द्वारा सेवाक प्रसंग





