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प्रवीण नारायण चौधरी

सन्दिप युनिवर्सिटीक सिजौल कैम्पस आ डा. सन्दिप झाक व्यक्तित्वः विकास केर यथार्थ सूत्र

मई ८, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि ७ मई २०१७ रवि दिन मैथिली जिन्दाबादक संपादक मिथिलाक केन्द्रविन्दु मधुबनी जिलान्तर्गत सिजौल मे नवस्थापित उच्च शिक्षा कैम्पस केर यात्रा पर गेल छलाह। मधुबनी जिला मुख्यालय सँ करीब २० किलोमीटर केर दूरीपर स्थित सिजौल गामक रस्ता रामपट्टी केर राजपथ सँ उत्तर माथे फूटल रस्ता मे कोइलख – मैलाम केर मेन रूट सन्दिप युनिवर्सिटीक सिजौल कैम्पस आ डा. सन्दिप झाक व्यक्तित्वः विकास केर यथार्थ सूत्र

आइएएस वर आ दहेजक खिस्सा – सत्य घटना पर आधारित

कथा – नीरज कुमार ‘नीरज’, दिल्ली एकटा छलाह डॉ० सहाब ! डॉ० हेबाक कारणेँ हुनका अर्थक कोनो कमी नहि ! एकटा छलाह लाल बाबा ! जेना कि सनातनी होइत आयल अछि, अपन अकर्मण्यता केँ बबाजीक ललका चोंगा मे नुकौने लाल बाबा अपन पारिवारिक कर्तव्य सँ प्राय: हाथ धोने छलथि ! लाल बाबी जेना-तेना हुनकर, अपन आ आइएएस वर आ दहेजक खिस्सा – सत्य घटना पर आधारित

प्रवासी मैथिल द्वारा मिथिलाभाषा केर संरक्षण मे अपूर्व योगदान

विचार “मैथिली भाषा एवं साहित्यिक संरक्षण हेतु महानगरीय प्रवासीक दायित्व” – राजकुमार झा, मुंबई लेखनीक विषय अछि – “मैथिली भाषा एवं साहित्यके संरक्षणमे महानगरीय प्रवासीक दायित्व ।” हमर स्पष्ट चिंतन अछि जे एक मैथिल हेबाक नाते प्रमुख प्रश्न हेबाक चाही – “अपन अस्तित्व बचेबाक कर्तव्य ।” एहि कर्तव्यके निर्वहन मातृऋण चुकेलासँ भS सकैत अछि । प्रवासी मैथिल द्वारा मिथिलाभाषा केर संरक्षण मे अपूर्व योगदान

मिथिलालोकक आर्थिक समृद्धि हेतु लोककलाकारक बैसार

मई ७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! लोहना मे भेल लोककलाकारक बैसार   – डॉ. रामसेवक झा के रिपोर्ट   आइ लोहना पाठशाला परिसरमे लोककलाकार क बैसार डा• सतीरमण झाक अध्यक्षतामे भेल । जाहिमे कटिहारसॅ आएल मुख्य अतिथि श्री सुकुमार सिंह झा लोककलाकार लोकनिक एक पञ्चीकृत संगठन बनेबाक हेतु भारत सरकार सॅ जोगार तकनीकी पर बल देलनि। मिथिलालोकक आर्थिक समृद्धि हेतु लोककलाकारक बैसार

एक मैथिली ठाकुर समस्त मिथिलावासी केँ जोड़ि देली

विशेष सम्पादकीय एक बेटी अपन अदम्य साहस आर योग्यता सँ मातृभूमि मिथिला ओ मातृभाषा मैथिली प्रति २५ करोड़ दर्शक देखयवला टीवी शो मे उद्गार प्रकट कयकेँ आइ १० करोड़ मैथिलीभाषीक आँखिक तारा बनि गेली अछि। ओना त मैथिलीभाषी कतेको योग्य छथि मुदा एहि तरहें खुलेआम अपन निर्दोषभाव सँ समर्पण देखबैत निडर बनिकय मैथिली ओ मिथिला एक मैथिली ठाकुर समस्त मिथिलावासी केँ जोड़ि देली

जानकी नवमी पर बनगाँव आ चैनपुर मे विशेष पूजनोत्सव समारोह

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। मई ५, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! रामनवमी सम्पूर्ण देश में मनाओल जाइछ मुदा सीतानवमी मात्र मिथिला में मनाओल जा रहल अछि रामजी केर जन्म चैत नवमी के भेल त ज्येष्ठ नवमी केर सीताजीक जन्म भेल अछि । चैनपुर गाम में नीलकंठ विकास समिति केर सौजन्य स पंडित मधुकांत झा मधुकर केर निधनोपरांत श्रद्धांजलि जानकी नवमी पर बनगाँव आ चैनपुर मे विशेष पूजनोत्सव समारोह

महादेवभक्त सुप्रसिद्ध विद्वान् रचयिता गीतकार मधुकर केर निधन पर जगह-जगह शोकसभा

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। मई ५, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! विद्यापति समान आचार-विचार-व्यवहार सँ परिपूर्ण आ अपन भक्ति रचना लेल ओतबे प्रसिद्ध गीतकार पंडित मधुकांता झा ‘मधुकर’ बीतल २६ अप्रैल केँ इहलोक सँ परलोक धरिक अनन्त यात्रा पर प्रस्थान कय गेलाह। सहरसा जिलाक चैनपुर गाम आ ओहि ठामक अति प्राचीन मन्दिर नीलकंठ महादेव केर शरणागतवत्सल मधुकर बाबा वयोवृद्ध महादेवभक्त सुप्रसिद्ध विद्वान् रचयिता गीतकार मधुकर केर निधन पर जगह-जगह शोकसभा

विराटनगर मे अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन आ मैथिली ठाकुर केर आगमन

विराटनगर, ५ मई – २०१७ । मैथिली जिन्दाबाद!! हरेक वर्ष जेकाँ अहु वर्ष विराटनगर मे अन्तर्राष्ट्रीय मैथिल सर्जक लोकनिक सम्मेलन भेल । एहि वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय मैथिल शिक्षाविद् सम्मेलन कएल गेल । भारत केर मिथिला सँ दि इम्पल्स कोटा द्वारा विराटनगर मे अपन शाखा विस्तार केर क्रम मे सन्दिप युनिवर्सिटी केर संयोजक धनंजय झा द्वारा प्रस्तावित विराटनगर मे अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन आ मैथिली ठाकुर केर आगमन

उच्च शिक्षाः आवश्यकता, अवसर आर विकल्प

आलेखः मैट्रिकक बाद अध्ययनक क्षेत्र – पं. भवनाथ झा, पटना माध्यमिक माने मैटरिकुलेशन एकटा एहन शिक्षा थिक जकरा सभ प्रकारक शिक्षाक आधार कहल जा सकैत अछि। जेना किसान खेत कें जोति-कोडि कें तैयार करैत छथि जाहिमे कोनो फसिल लगाओल जा सकए तँ खेतक ओहने अवस्था मैट्रिकुलेशन थिक। एकर बाद ई निर्णय लेब जे कोन बच्चा आँगा उच्च शिक्षाः आवश्यकता, अवसर आर विकल्प

मंच उद्घोषण रोजगारक एक सुन्दर विकल्प

परिचयः मंच उद्घोषक पं. कमलेश प्रेमेन्द्र जेना-जेना मिथिलाक लोक मे पुनः अपन मूल संपदा बौद्धिकता तथा साहित्य-सृजनक संग मैथिलत्व केर प्रवेश फेरो जगह पाबय लागल छैक तहिना-तहिना हरेक गाम-ठाम मे आम लोक भाषा-संस्कार-शिक्षा-सभ्यता-सौहार्द्रताक संरक्षण-संवर्धन-प्रवर्धन लेल एकजुटता सँ भिन्न-भिन्न कार्यक्रम सब करय लागल छथि। आब दुर्गा पूजा हो या दिपावली-काली-पूजा या छैठ या बसंतोत्सव या होली मंच उद्घोषण रोजगारक एक सुन्दर विकल्प