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प्रवीण नारायण चौधरी

२०२१ केर जाइत जाइत एक अत्यन्त जरूरी चर्चा – प्रवीणक कलम सँ

कहियो ई सोचलियैक या विचारलियैक जे…..     मिथिलाक्षेत्रक एकमात्र भाषा ‘मैथिली’ लेल सुसंगठित कार्य कतेक भेल? राज्य द्वारा भाषा-संस्कृतिक विकास लेल कि सब योगदान कयल गेल?   एहि दुओ प्रश्नक उत्तर सहजहि भेटि जायत। आधुनिक भारत व नेपाल दुनू देश मे विद्यमान् मिथिला, एहि ठामक भाषा, संस्कृति आ समाजक विकास हेतु राज्य द्वारा लागू २०२१ केर जाइत जाइत एक अत्यन्त जरूरी चर्चा – प्रवीणक कलम सँ

हमर सभ्यता आ भूगोल केर अवस्था दयनीय कियैक

सभ्यता पर खतरा   कनी गौर करूः   “भाषा सँ साहित्य – साहित्य सँ संस्कार – संस्कार सँ संस्कृति – संस्कृति सँ सभ्यता – सभ्यता सँ भूगोल”   ई पंक्ति एकटा सूत्र थिकैक। एहि सूत्र के आधार पर हम सब मिथिला के छी। मैथिली हमरा सभक भाषा छी। एहि भाषा मे लिखित साहित्य मात्र १००० हमर सभ्यता आ भूगोल केर अवस्था दयनीय कियैक

सामाजिक एकजुटता मे दिन-दिन कमी के कारण की

सम्पादकीय २८ दिसम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!!   आइ एकटा विवाह उत्सव पर ताम-झाम मे लाखों रुपया खर्च करबाक नियति बनि गेल अछि। आब लोक पहिने जेकाँ घरही कुर्सी, टेबुल, सोफा, गुलदस्ता, टेबुल क्लोथ आ अन्य साज-श्रृंगारक सामान मांगिकय विवाह मे वर-बरियातीक स्वागत लेल जनमासा नहि बनबैत अछि। आब टेन्ट, लाइट, डेकोरेशन, आदिक सारा सामान सामाजिक एकजुटता मे दिन-दिन कमी के कारण की

मैथिली ठाकुर केँ भेटल राष्ट्रीय पुरस्कार

नई दिल्ली, 24 दिसम्बर 2021। – विमल जी मिश्र, मैथिली जिन्दाबाद। #लोकमत_सुर_ज्योत्स्ना राष्ट्रीय म्यूजिक अवार्ड सँ सम्मानित भेलिह मिथिला के धिया #मैथिली_ठाकुर #मैथिली_ठाकुर कें ढ़ेर रास आशिर्वाद 🌹🌹 यशस्वी भव 👍👍👍👍👍 एहि राष्ट्रीय म्यूजिक अवार्ड के चयन मे , देश के जानल मानल संगितज्ञ गायक शामिल रहैत छैक । अमजद अली खां, हरिहरन , उदित मैथिली ठाकुर केँ भेटल राष्ट्रीय पुरस्कार

२ जनवरी सँ शुरू होयत दोसर चरणक यात्राः मिथिला राज्य निर्माण सेना

२४ दिसम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! “जनगणना मे मैथिली – संविधान मे मिथिला” मूल नाराक संग जनचेतना मे मातृभाषा मैथिली आ मौलिक पहिचान मैथिल केँ संविधान सँ सम्मान दिएबाक लेल मिथिला राज्य निर्माणार्थ ‘मिथिला पुनर्जागरण यात्रा’ दोसर चरण मे ५ दिन लेल सहरसा, मधेपुरा, सुपौल आ प्रस्तावित जिला झंझारपुर मे आयोजित कयल जायत। ई जनतब २ जनवरी सँ शुरू होयत दोसर चरणक यात्राः मिथिला राज्य निर्माण सेना

हराहीक ठमकल पानिपर एकटा ढेप – विभूति आनन्द

विचार – विभूति आनन्द #हराहीक_ठमकल_पानिपर_एकटा_ढेप… आइ चारि दिवसीय ‘मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल’क दरभंगा संस्करण संपन्न भेल. एक दर्शक रूप मे तीन दिन उत्सवीय मूड मे रहलहुँ. नीक लागल. की पौलहुँ, की गमौलहुँ, हमरा लेल ई सोच महत्वपूर्ण नहि. तहिना एहि आयोजन मे कतेक पाइ खर्च भेल, कत’ सँ आयल एतेक पाइ, ईहो हमरा लेल असोचनीय रहल. हराहीक ठमकल पानिपर एकटा ढेप – विभूति आनन्द

शिव-पार्वती संवाद – सुख आ दुःख केर भोग के मूल कारण की

स्वाध्याय लेख – प्रवीण नारायण चौधरी श्रद्धा आ विश्वास   काल्हि शिव-पार्वती संवादक एक कथा अपने सभक समक्ष रखने रही जाहि मे गंगा स्नान सँ निष्पाप बनबाक फल केकरा प्राप्त होइत छैक तेकर बड सुन्दर आख्यान (चर्चा) छल। ओहि मे देल गेल दृष्टान्त केर अनुसार जे लोक बिना श्रद्धा आ विश्वास केँ मात्र दंभ वास्ते शिव-पार्वती संवाद – सुख आ दुःख केर भोग के मूल कारण की

कि गंगा मे स्नान कय केँ सचमुच पापक नाश भऽ जाइत छैक

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी १५ दिसम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! शिवमय संसार आ एक रोचक कथा   अपन मिथिला संस्कार मे शिव-पार्वतीक महिमा-गरिमा सँ भला के नहि परिचित होयब, डेग-डेग पर हुनक मन्दिर ई स्थापित करैत अछि जे हमरा लोकनि समस्त मैथिल पहिचानधारी आखिर भोला-भवानीक कतेक पैघ भक्ति करैत छी। आजुक कलिकाल मे, वर्तमान कि गंगा मे स्नान कय केँ सचमुच पापक नाश भऽ जाइत छैक

समाजवादी विद्यार्थी यूनियनक चारिम अधिवेशन पूर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस मे सम्पन्न

१५ दिसम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! चारिम अधिवेशन : ४४ सदस्यक नव आ ऐतिहासिक कार्यकारिणीक गठन कयल गेल समाजवादी विद्यार्थी यूनियन, पूर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस, धरान (तेसर कमिटी) द्वारा आयोजित ‘चारिम अधिवेशन’ तथा ‘स्वागत कार्यक्रम २०७८’ प्रदेश नं. १, सामाजिक विकास मन्त्री जयराम यादवक प्रमुख आतिथ्य, सुशील यादवक अध्यक्षता आर सन्तोष राउत केर संयोजकत्व मे तिथि-मिति समाजवादी विद्यार्थी यूनियनक चारिम अधिवेशन पूर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस मे सम्पन्न

जानकी स्तोत्र – मैथिली अनुवाद सहित

जानकी स्तोत्र   नीलनीरज-दलायतेक्षणां लक्ष्मणाग्रज भुजावलम्बिनीम्। शुद्धिमिद्धदहने प्रदित्सतीं भावये मनसि रामवल्लभाम्॥१॥   नीलकमल दल केर सदृश जिनक नेत्र छन्हि, जे लक्ष्मण जीक अग्रज (जेठ भाइ) श्रीराम केर भुजाक अवलम्बन थिकीह, जे प्रज्वलित अग्नि मे अपन पवित्रताक परीक्षा दियए चाहैत छथि, ओहि रामप्रिया श्रीसीता माता केर हम मनहि-मन मे भावना (ध्यान) करैत छी॥१॥   रामपाद-विनिवेशितेक्षणामङ्ग-कान्तिपरिभूत-हाटकाम्। ताटकारि-परुषोक्ति-विक्लवां जानकी स्तोत्र – मैथिली अनुवाद सहित