मिथिला-मैथिलीक नाम पर सौदाबाजी कहिया धरि, युवातुर मे सेहो परिवर्तनक गुंजाईश समाप्तिक दिशि

विशेष सम्पादकीय

मिथिलाक संस्था आ अध्यक्ष फल्लाँ झा केर चुनावः दृष्टान्त मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली

काल्हि एकटा खुल्ला पत्र लिखने रही मैसाम अध्यक्षक नाम, आर आगाँ बात भजियाबैत किछु आरो बात सब पता चलल अछि। ई सामान्य बात छैक अपन मिथिला आर एतुका विभिन्न संस्था केर। हम होइ, अहाँ होइ या कियो होइ, संस्था चलबैत छी त संस्था केँ गतगर बनेबाक बदला अपन स्वार्थ साधय मे ओकरा तेहेन पतरगर बनाकय राखैत छी तेकर एकटा अनुपम नमूना ‘मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली’ केर भेटल अछि।
 
संस्थाक सदस्य जेकरा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष आदि बनबाक आ चुनबाक अधिकार छैक से भेला आंगूर पर गानिकय १५ गोटा। किछु दिन पूर्व धरि ई छल १६ गोटा। संजीब सिन्हा, कंत शरण, राम बाबू सिंह, आदित्य भूषण मिश्र, श्रीचन्द कामत, विनीत उत्पल, हेमन्त झा, बबीता झा, अमर नाथ झा, सुनीत ठाकुर, विमल जी मिश्र, रंजना झा, मणिकान्त ठाकुर, संजित झा सरस, संतोष राठौड़ – कुल १५….. १६म छलाह हितेन्द्र गुप्ता जिनका हाले मैथिली साहित्य महासभा सँ पदमुक्त कय देल गेल। कारण ओ लगातार ३ मिटींग मे अनुपस्थित रहला। सेहो निकालबाक समय भेल कखन…. जखन नव कार्यकारिणीक चुनाव करबाक लेल पूर्वक कार्यकारिणी समिति केँ भंग कय चुनाव करेबाक अधिकार एक गोटा सदस्य यानि ‘मणिकान्त ठाकुर’ नाम्ना सदस्य केँ भार देल गेल।
 
एक त अढाई साल मे कूथि-पादिकय १६ गोट सदस्य बनल, ताहि मे सँ १ गोटा केँ बाहर कएल गेल – सेहो एहेन लोक जे उपरोक्त १५ सँ बहुत पहिनहि सँ मैथिली भाषा प्रति अपन प्रेम रखैत रहला अछि। हेलो मिथिला नामक ब्लाग पेज चलबैत आबि रहला अछि। दिल्ली गेल रही त नोएडा मे हिनकर अपार्टमेन्ट दिशि सेहो जेबाक अवसर भेटल छल। ताहि सँ पूर्वहि सँ हम सब सोशल मीडिया सँ परिचित भऽ गेल रही। हितेन्द्र गुप्ता जी बेर-बेर ई आरोप लगबैथ जे मैथिली केँ किछु पंडिजी सब गछारिकय राखि लेने छथि, मंच सँ लैत दर्शक दीर्घाक समस्त अग्र-स्थान धरि ई सब कब्जा कएने छथि। हमरा हुनकर ई विचार सुनिकय पसीन नहि पड़य, झगैड़ लैत रही…. आर हमर झगड़ाक अर्थ सब केँ बुझल रहैक तहियो आ आइयो…. व्यक्तिगत सम्बन्ध अपना जगह सुमधुर बनेने रहू…. मुदा सिद्धान्तक भेद पर लड़ब-झगड़ब हमर स्वभाव थिक। लेकिन आइ हमरा एना बुझा रहल अछि जे हितेन्द्र गुप्ता जी संग हम हारि गेलहुँ। ओ सही साबित भेलाह।
 
महासचिव संजीव सिन्हा जी सँ एहि मादे बात केला पर पता चलल जे नियम त मात्र ‘कारण बताउ जे कियैक नहि पदमुक्त कएल जाय’ से रहैक, मुदा एतय जखन आन्तरिक गूटबाजी आरम्भ भऽ गेल अछि त नियम-तियम केँ के पूछैत अछि। फेर गूटबाजी मे त बहुमत जेकर रहतैक ओकरे चलतैक। आर सैह भेबो केलैक। एक त ओझाक देहे पातर आर ताहि पर सँ सारि १० गो लुधकल! १६ माइनस १ बराबर १५ मे चुनाव, ताहि मे ७ गो एक दिशि ७ गो दोसर दिशि आ १ गो तेसरे यानि अपने दिशि।
 
आब भेल चुनाव आ फल्लाँ झा बनि गेला अध्यक्ष। आर डंका पीटाय लागल जे चुनाव भेल, चुनाव भेल, फल्लाँ झा अध्यक्ष भेला फेरो…. एम्हर समाचार जोगबनी धरि पहुँचि गेल। जोगबनी मे मिथिला विकास परिषद् आ दहेज मुक्त मिथिला केर कार्यकर्ता सब बैसार कय केँ फल्लाँ बाबू केँ बधाई सेहो ज्ञापन कयलनि। मिठाई बाँटल गेल। सूत्र कहलक जे ई समाचार त टेलिविजन, न्युजपेपर, मैगजीन, आदि सब मे पठेबाक विज्ञप्ति भेटल छल। साक्षात्कार सेहो करेबाक अछि। टेलिविजन पर समाचार पठेबाक अछि। आदि-आदि।
 
एम्हर फेसबुक पर सेहो ५-१० लाख मैथिल त सक्रिय छथिये, ओतय सेहो ‘फल्लाँ बाबू फेरो अध्यक्ष बनलाह’ केर डीजे धून पर खुब रंगडोलबा होएत रहल। मुदा असलियत कि त १५ गोट वोटर्स केर संस्था – ताहू मे दुइ पक्ष बीच भिड़न्त – मारल जाएत छथि एक गोट जेन्युइन एक्टिविस्ट आर फेर चुनल जाएत छथि अध्यक्ष – चुनाव मे जीत हासिल करैत। ई थिक मिथिलाक संस्थाक सामर्थ्य आ असलियत। यैह हाल लगभग ९९% संस्थाक छैक। एहि मिथिलाक कल्याण कोना संभव छैक, ई स्वतः मननीय बात छैक। ई प्राइवेट लिमिटेड फर्म केर स्टेकहोल्डर्स केँ एक ठाम राखि कोनो दृष्टिपत्र पर ‘मैथिली-मिथिला’ केर ट्रेडिंग नहि त आर कि कहा सकैत अछि, ईहो सोचल जेबाक चाही।
 
हरिः हरः!!