मैथिली लघु फिल्म ‘इतिहास’ केर प्रीमियर शो पर विभिन्न समीक्षक लोकनिक विचार

मई २९, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

हालहि २५ जून केँ मिथिलाक लोकदेवता ‘लोरिकदेव’ केर जीवनपर आधारित लघु फिल्म ‘इतिहास’ केर प्रीमियर शो दिल्ली मे संपन्न भेल, जाहि मे वरिष्ठ साहित्यकार डा. शेफालिका वर्मा, मैथिली लेखक संघक महासचिव विनोद कुमार झा सहित अनेकों गणमान्य व्यक्तित्व लोकनि भाग लेने छलाह। फिल्म केर प्रीमियर शो देखलाक बाद अलग-अलग समीक्षा लेख सभ सँ सोशल मीडिया पाटल भेटैत अछि। मैथिली जिन्दाबाद पर किछु प्रमुख व्यक्ति लोकनिक एहि समीक्षा केँ जहिनाक तहिना राखल जा रहल अछि। संगहि, मैथिली लघुफिल्म इतिहास केर भविष्य नीक हेबाक संग-संग समग्र मे सेहो फिल्मक मेकिंग, डायरेक्सन, प्रदर्शनक ‘अच्छे दिन’ आबय से शुभकामना दैत छी।

एना उत्पन्न होयत अछि इतिहास…….

– राम बाबू सिंह, प्रीमियर शो संयोजक, दिल्ली सँ

आजुक साँझ अद्भुत छल। विगत डेढ़ वरख सँ एकटा फिल्मक प्रतीक्षामे छलहुँ, जेकर डेढ़ मिनट केर ट्रेलर दु-तीन दिन सँ सोसल साइट पर खूब चर्चामे छल ” इतिहास” द प्राइड ऑफ मिथिला। चमन टेलीफिल्म आ रिया एंटर प्राइजेजकें प्रस्तुति फ़िल्म “इतिहास” मैथिली लघु फिल्मकें क्षेत्रमे इतिहास रचत से भरोसा अछि।
 
संघर्षक पथ पर चलैत प्रखर युवा मैथिली अभियानी किसलय कृष्ण काल्हि जखन असगर पड़ि गेलाह त’ कार्यक्रम सयोजन केर भार हमरा ऊपर द देलाह। आओर आई साँझ नई दिल्लीक छाती पर अवस्थित आइटीओ लग राजेन्द्र भवनक सभागारमे जतय इतिहासक पहिल स्क्रीन प्रदर्शन समारोह छल ओकर सभटा जिम्मेबारी हमरा ऊपर छल। भोरहि सँ भाग दौड़ लागल रहल आ भरि दिन हॉल सँ लSक प्रदर्शनक साज सज्जा समान जुटेबाक प्रयास आदि इत्यादिमे लागल रहलहुँ। भाइ कने तकलीफ त’ अहूँकें छल मुदा फ़िल्मकें परदा पर आद्योपांत देखि सभटा बिसरा गेल आ मन गदगद भ’ गेल।
 
मैथिली फ़िल्म अभिनेता शुभ नारायण झाक अध्यक्षतामे मनीष झा बौआभाई केर सुंदर संचालनमे कार्यक्रमकें उद्घाटन मैथिली लेखक संघ केर महासचिव श्री बिनोद कुमार झा ( सरकार ) कएलाह आ मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित साहित्यकार डॉ शेफालिका वर्मा छलीह। तहिना विशिष्ट अतिथिक रूपमे प्रसिद्ध युवा समाजसेवी श्री शरत झा, मैथिली भोजपुरी अकादमीक उपाध्यक्ष श्री नीरज पाठक, विश्व मैथिली संघ केर संस्थापक बुराड़ी सँ श्री हेमन्त झा ,प्रसिद्ध युवा कवि आदित्य भूषण मिश्र, वसंत झा वत्स आ फिल्मक कार्यकारी निर्माता श्रीमती इंदिरा आ अहि सफल कार्यक्रमक एकटा धुरी विनम्र शांत व्यक्तित्वकें धनी आदरणीय ए. के.दास समेत कएको गणमान्य व्यक्तिक सहयोग सँ सफल समापन भेल ई लघु फिल्मक स्क्रीन प्रदर्शन समारोह। मुन्ना चमन जीक अनुपस्थिति हमरा सभके खलल। हुनकर अथक परिश्रम हेतु अशेष बधाई।
 
28 मिनट केर लघु फ़िल्मक जखन प्रदर्शन शुरू भेल त’ रोचकता तेहन लागल जेना 18 मिनट मे समापन भ गेल हो। जकर कतेको लोक परिचर्चामे सेहो चर्चा कएलाह। फ़िल्म अतेक नीक बनल छैक जे खतम भेलाक बादो लोकक नजरि परदा पर गरले देखल गेल। 28 मिनटक अवस्थामे मिथिलाक यादव कुल देवताक रूपमे पूजित वीर लोरिक कथा सभ जानि गेलाह। आई धरि वीर लोरिकें सुनैत छलहुँ आई हुनक शौर्य वीर केर गाथा सँ अवगत सेहो भेलहुँ। उपस्थित समस्त अनुरागी अभियानी गण लोक देवता लोरिक लघु फ़िल्मसँ आह्लादित छलाह। सभ कियो फिल्मक भूरी-भूरी प्रसंसा कएलाह।
 
सभागारमे फ़िल्म आ संगहि कलाकार निर्माता निर्देशक सभक खूब यशोगान भेल। अभिनेत्री जानवी झा वीर लोरिक प्रेमिका चँदाक भूमिकामे सशक्त अभिनय कएलीह, अभिनेता अनिल मिश्रक रूप गुण संगहि नमगर चौरगर देह काठी जेना वीर लोरिक लेल बनल हो। बेंगठा चमार केर भूमिका मे मुन्ना चमन सेहो अपन छाप छोड़य मे कामयाब भेलाह आ साथमे नवोदित कलाकार अतुल वीर लोरिक छोट भाइ केर भूमिका सँग न्याय कएलक अछि। मतलब सभ कलाकारक कला उत्कृष्ट स्तरकें अछि संगहि आब आवश्यकता छैक जे लोक देवता जेना राजा सलहेश, कारू खिरहर, दीना-भद्री आदि इत्यादि महापुरुषक जीवन पर अहिना लघु फ़िल्म बनैत रहय।
 
निर्देशक किसलय कृष्ण भावुक होयत अपन कएकटा प्रसंग सुनौलनि। तहिना संजीव सिन्हा, केशव झा, तपन झा, साहित्यकार कुमकुम झा , आ साहित्य अकादमी सम्मान सँ पुरस्कृत अरुणाभ सौरभ, फ़िल्मकें देखिकS ई सभ आनन्दित छलाह। चर्च भेल आ खूब प्रसंसा भेल आ एक सुरमे सभ कियो फ़िल्मकें क्षेत्रमे एकटा नव डेग देखाओत से उदगार व्यक्त कएलाह। नीरज पाठक कहलाह जे ई त’ किसलय कृष्णक छोट परिचय अछि, ई त’ बहुत आगु धरि सोचैत अछि। कार्यक्रममे शुभ नारायण जीक अध्यक्षता प्रभावशाली रहल। जानवी झा सेहो फिल्मक अनुभव साझा कएलीह आ मैथिली फ़िल्ममे लगातार काज करबाक प्रतिवद्धता जतौलन्हि। एकटा अद्भुत लागल जाहिठाम मैथिली समारोहमे पाग दोपटा मोमेंटो देल जाएत अछि ओतय अहिसँ इतर किसलय जीक नव परिकल्पना कप के’ उपर फिल्मक फोटो अंकित कS अतिथिकें सम्मानित करब सराहनीय रहल।

एकटा अनुभूति

– डा. शेफालिका वर्मा

गागर में सागर The Pride of Mithila!
 
हम ने कोनो मैथिली साहित्यक विद्वान छी, नय ते आलोचक ,समीक्षक खाली मैथिली में कागज कलम के खेती करैत छी कारण जे मैथिली हमर माँ छी, हम हुनक प्रतिकृति, जे अनुभूत केलौ सेह!
 
बच्चे सँ सुनैत छ्लौं वीर लोरिक, सलहेस, दीनाभद्री आदि के लोककथा सब ते बड़ नीक लगैत रहे । फेरो जखन कॉलेज में पढ़ैत छ्लौं तखन नीक जकाँ बुझलौ लोरिक आ चन्दा के प्रेम गाथा । इलियट तक वीर लोरिक चर्च केने छथि । लगैत छल हीर रांझा, लैला मजनू जकाँ गामो घर मे लोरिक आ चनिया, चानो, चन्दा क खिस्सा अति प्रचलित अछि, लोक गाथा ककरा नीक नय लागत, आ महानगर प्रवास सब किछ नीक बेजा सबटा मन मानस सँ ओहिना पोछि देलक जेना स्लेट पर लिखलाहा आखर सब । अचक्के केके यानी किसलय कृष्णक इतिहास के गप्प चल लागल, पोछल स्लेट पर किछ रेखाचित्र उभरय लागल, बीच बीच मे केके सँ गप्प होइ की की झंझट आबि रहल अछि निर्माणक दौरान । शिव जी के जटा जूट जकाँ बिखरल सब चीज के समेटब आसान नय छल, तैयो किसलय हिम्मत नय हरलाह, एहि लघु फ़िल्म के निर्माण में कतेक अड़चन व्यवधान आयल तकर प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष सहभागी हमहुँ छ्लौं । एतवे नय हमरा इंग्लैंड में फ़ोन केलनि दीदी हम सुपौल में छी, इतिहासक शूटिंग खत्म क रहल छी, अहाँ आयब तखन एकरा सब से पहिने दिल्ली में रिलीज करब ।
 
दिल्ली हम आबि गेलौं, आब प्रदर्शन के तारीख आगू पाछु होइत रहल, सहरसा क लड़का, दिल्ली में पढल बढला, आँखि में पैघ पैघ सपना, किछ क देखवाक अदम्य उत्साह उपरांत परेसानी, प्रदर्शन के खबर मात्र सँ हुनका आठ हजार से बेसी फ़ोन आबय लागल, ओ घबड़ा गेलाह, सीमित अर्थक पाछा असीमित व्यय, कोना सम्हारब, कोना सत्कार करब, अंत मे प्रचार कम क देलाह, कार्ड फेसबुक पर नय द व्हाट्सएप पर व्यक्तिगत रूपेण कार्ड भेजलनि। समय पर पहुंची गेलौं हम, विजय जी, बिनय जी, राम बाबू सब गेट पर ठाड़ छलाह ।
 
कॉन्फ्रेंस हॉल राजेन्द्र भवन के खचाखच भरि गेल, बौआ भाय के मंच संचालन बहुत सशक्त, विजय जी, नीरज जी, शरत जी, हेमन्त जी, कुमकुम जी, अरुणाभ सौरभ जी बिनय जी, दास जी, आलोक जी, आदि जानबी नायिका नायक छोड़ि समस्त टीम इतिहास के भरल छलाह । अध्यक्षता मैथिली फ़िल्म के अभिनेता, निर्माता ,निर्देशक शुभ नारायण जी क रहल छलाह ।
 
मैथिलीक विहनि कथा जकाँ ई लघु फ़िल्म मात्र 29 मिनट के । ओतवे देर सब सांस रोकने, मंत्रमुग्ध जकाँ देखैत रहलाह, खत्म भ गेल तैयो जेना देखवाक प्यास लागल रहि गेल, काश, ई फ़िल्म में परिणत भ, किसलय कृष्ण जीक साधल स्वर फ़िल्म में डॉक्यूमेंट्री दैत, सब गोटेक सशक्त अभिनय, मुन्ना चमन ते गज़ब खास कय छुई मुई जानबी क एतेक सशक्त अभिनय विश्वास नय होइत छल ।
 
सब से नीक जाहि में ऐतिहासिक स्थल हरदी थान आदि जगह देखि विह्वल भ गेलौं, काश एकर प्रदर्शन बड़का पर्दा पर हेतियै!
 
बाद में चर्चा परिचर्चा आरम्भ भेल, बहुत गोटे नय आयल छलाह / छलीह मुदा जे आयल छलाह अपना आप मे एकटा संस्था छलाह, मिथिला मैथिली लेल ई सब दिल्लीक छाती पर एहेन धमाचौकड़ी मचौने छथि जे के जानि मैथिली दिल्लीक दोसर राजभाषा ने बनि जाय, दिल्लीक सरकारी स्कूल में एकर पढ़ाई ने शुरू भ जाय, आमीन, फिल्मक चर्चक माध्यम से हम एतवे निवेदन केलौं सब सँ जे अपन पत्नी, अपन बेटी में जे किछ टैलेंट अछि ओकरा अहाँ सब मजाक में नय उड़ा, ओकरा आगू बढवाक बाट देखेवाक प्रयास करी । सब स्त्री में कोनो ने कोनो गुण अवस्य होइत छैक चाहे पेंटिंग होइ, लेखन होइ, एक्टिंग होइ ओकरा जरूर आगू बढाबु । संजू दास के गुण के हुनक पति रवींद्र दास ते जानबी के हुनक पति हिमांशु जी बढौलनि । बड्ड नीक लागल, तैं स्त्रीगणक व्यक्तित्व में दर्प रहैत अछि । ओना ओहि ज़माना में हम भंगिमा में प्रेमलता मिश्र के अभिनय देखने छी, तकर बाद ते मैलोरंग, मिथिलांगन, मलंगिया आदि में स्त्रीगणक अभिनय से हम मुग्ध विमुग्ध होयत रहलौं । नाटक देखवा में नीक लाग लागल।
सब गोटे लघु फिल्मक बहुत प्रशंसा केलनि, आ फ़िल्म के निर्माण लेल बड़ उत्साहित संगे सहयोग देवक आश्वासन देलनि । चाह जलखैक सँग सँग परिचर्चा चलैत रहल । किसलय कृष्ण जी से सब गोटा के बहुत आस छैक, पहिल बेर कियो लोककथा पर लघु फ़िल्म बनओने छथि, स्वाभाविक अछि गाम घर से ल क सब ठाम एहि फिल्मक स्वागत होयत, इतिहास एकटा नव इतिहास रचत । अंत मे कप पर बनाओल जानबी आ अनिलक फोटो सँ यानी इतिहासक दृश्यक स्मृति चिन्हक सँग सब के सम्मानित कयल गेल ।
 
गागर में सागर भरि देनाय कोनो मामूली गप्प नय, अशेष साधुवाद समस्त टीम के, आयोजनकर्ता लोकनि के आब आगू किछ आर नव देखेवाक आशा के संगे!

मिथिलाक महापुरुष – लोकदेव लोरिक केर जीवन केँ नीक सँ दरसौलक अछि इतिहास

– संजीव सिन्हा

ई एकटा स्थापित तथ्य अछ‍ि, जे समाज अपन इतिहास सं प्रेरणा नह‍ि लैत अछ‍ि, अपन महापुरुष सं क‍िछु सीख नह‍ि लैत अछ‍ि, ओह‍ि समाजक द‍िनोदिन पतन होइत चलि‍ जाइत अछ‍ि। काल्‍हि बड्ड नीक लागल जखन ‘इतिहास – द प्राइड ऑफ मिथिला’ लघु मैथिली फिल्‍म देखलहुं। देखलाक बाद वीर लोरिकक शौर्य गाथाक जानकारी भेटल। हम स्‍पष्‍ट क’ दी जे एहि सं पूर्व हम वीर लोरिकक नामे टा सुनने छलहुं। हुनकर कर्तृत्‍व सं अपरिचित छलहुं। तें एकर निर्देशक किसलय कृष्णा बधाइ केर पात्र छथि जे हमरा सभक कें अपन इतिहास सं परिचित करौलनि। फिल्‍मक केंद्रीय पात्र – अनिल मिश्र, जानबी झा, मुन्ना चमन – सभ नीक अभिनय कएने छथि। काल्हि मैथिली कविद्वय रामबाबू सिंह मधेपुरक संयोजन आ बौआभाइक संचालन मे एहि फिल्म पर नीक परिचर्चा भेल। ई फिल्‍म सफलताक कीर्तिमान रचय, हमर हार्दिक शुभकामना!