राष्ट्रीय महिला रंग उत्सव २०७४ केर पहिल दिन मैथिली सहित कुल ३ गोट एकल नाट्य प्रस्तुति

विराटनगर, ६ मार्च, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

आइ सँ विराटनगर केर आरोहण गुरुकुल नाटक घर मे नेपालक पहिल राष्ट्रीय महिला नाट्य उत्सव केर शुभारम्भ भेल अछि जे अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानि ८ मार्च धरि कुल ९ गोट महत्वपूर्ण विषय पर ९ अलग-अलग कलाकार एवं राष्ट्रक विभिन्न रंगकर्मी समूह द्वारा प्रस्तुत कयल जायत।

एहि नाट्य महोत्सव केर उद्घाटनग संघीय नेपालक प्रदेश १ केर नवनिर्वाचित प्रदेश सरकारक आन्तरिक मामिला मंत्री हिक्मत कार्की द्वारा कयल गेल, जखन कि अध्यक्षता तथा मंच संचालन क्रमशः सांस्कृतिक संस्थान (राष्ट्रीय नाचघर) केर अध्यक्ष उधोग राई एवं प्रसिद्ध रंगकर्मी-निर्देशक झोराहाट नाट्य घर केर संचालक भरत गुरागाईं द्वारा भेल।

एहि कार्यक्रमक विशिष्ट अतिथि प्रदेश १ केर सामाजिक विकास मंत्री जीवन घिमिरे छलाह। आयोजक संस्था नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठानक प्राज्ञ परिषद सदस्य एवं नाटक विभाग प्रमुख रमेश रंजन झा तथा सांस्कृतिक संस्थानक महाप्रबन्धक राजेश थापाक उपस्थिति छल। तहिना विशेष उपस्थिति माननीय राष्ट्रीय सभा सदस्य सावित्रा रेग्मी तथा प्रदेश सभा सदस्य यशोदा अधिकारीक रहल। भाषा वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् प्रा. डा. टङ्क न्यौपाने, प्राज्ञ दधिराज सुवेदी, राजनीतिकर्मी महेश रेग्मी, भारतीय राजदूतावास कैम्प कार्यालय विराटनगरक कार्यालय प्रमुख निरज जायसवाल, मैथिली सेवा समितिक अध्यक्ष डा. एस. एन. झा, दहेज मुक्त मिथिलाक संस्थापक अध्यक्ष करुणा झा, मुख्य प्रायोजक द ड्रीमलैन्ड केर संचालक कुमुद झा, जानकी पोलिटैंक केर संचालक सन्तोष चौधरी, अपन विराटगढ परोपकार समाजक अध्यक्ष वसुन्धरा झा तथा कार्यक्रम संयोजक एवं दहेज मुक्त मिथिला केर अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तित्व एवं रंगकर्मी कलाकार संग-संग समाजसेवी, साहित्यसेवी लोकनिक भव्य उपस्थिति मे उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा नाटकक एकटा संवाद बाजिकय आरम्भ कयल गेल।

जतय राजेश थापा अपन स्वागत मन्तव्य सँ एहि रंग महोत्सवक आयोजन पर प्रकाश दैत आयोजना केँ सफल बनौनिहार प्रत्येक संस्था, व्यक्ति एवं उपस्थित अतिथि सहित दर्शक केर स्वागत करैत धन्यवाद देलनि ओतहि रमेश रंजन झा द्वारा एहि तरहक महोत्सवक आयोजनक पाछाँ केहेन उद्देश्य अछि ताहि पर विस्तार सँ जानकारी करायल गेल। ओ कहलनि जे नाट्य विधा मानव सभ्यताक प्राचीनतम् संस्कार थिक जे समाज केँ सही मार्ग पर चलबाक लेल प्रखर संवाद संचरण त करिते अछि, एकर प्रयोग मनोरंजन लेल सेहो ओतबे औचित्य रखैत रोजगारक अवसर सेहो उपलब्ध करबैत अछि। एहि राष्ट्रीय महिला नाट्य उत्सवक आयोजन महिला रंगकर्मी मे सृजनक काज संग-संग रंगकर्मक व्यवस्थापन पक्ष मे सेहो सबल बनि संस्थागत नेतृत्व प्राप्त करबाक सामर्थ्यक विकास करय से मूल मनसाय अछि। संगहि विराटनगर सँ ई आरम्भ करबाक विन्दुपर संबोधन करैत श्री झा कहलनि जे नेपालक प्रदेश १ केर वैविध्य समूचा राष्ट्र केर समग्र प्रतीक थिक, एहि ठाम सँ शुरू भेला सँ ई क्रान्ति समूचा राष्ट्र भरि मे जेबा मे सफल होयत।

उद्घाटन उपरान्त मुख्य अतिथि आन्तरिक मामिला मंत्री हिक्मत कार्की अपन गरिमामयी संबोधन मे एहि आयोजनक सफलताक शुभकामना दैत प्रदेश १ केर नवगठित सरकार कला, संस्कृति आ समाज मे एकताक नारा एहि तरहक आयोजन सँ करत आर ताहि लेल सरकार प्रतिबद्ध रहत, से वचनबद्धता प्रकट केलनि। संगहि दहेज मुक्त मिथिलाक तर्जपर अपराध मुक्त समाज आ राष्ट्र, नशा मुक्त समाज, सुरक्षित समाज आदि बनेबाक लेल प्रदेश सरकार सदैव सहकार्य करत, ओ अपन कठोर प्रतिबद्धता जतौलनि। भानु कला केन्द्रक अध्यक्षा माया पौडेल, मैथिली सेवा समितिक अध्यक्ष डा. एस. एन. झा, दहेज मुक्त मिथिलाक संस्थापक अध्यक्ष करुणा झा, प्राज्ञ दधिराज सुवेदी, भाषाविद् टंक न्यौपाने, भारतीय राजनयिक निरज जायसवाल, उद्योगपति कुमुद झा, राजनीतिकर्मी महेश रेग्मी एवं समाजसेवी वसुन्धरा झा सहित आरो-आरो महत्वपूर्ण वक्ता लोकनि सारगर्वित शुभकामना सन्देश दैत उद्घाटन सत्र केँ सफल बनौलनि। अन्त मे कार्यक्रमक स्थानीय संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करैत ई आयोजन विराटनगर मे सफलतापूर्वक आरम्भ करबा मे उत्साह भेटबाक बात कहलनि।

आइ पहिल दिनक पहिल नाट्य प्रस्तुति लोकसंचार नाट्य समूह जनकपुरक प्रसिद्ध रंगकर्मी अभिनेत्री प्रियंका झा द्वारा प्रस्तुत कयल गेल। एहि नाटकक नाम ‘कथा नहि भेटल’ छल जे बाल्यकालहि मे कयल गेल विवाह आ दहेजक लोभ सँ ग्रसित लोक कोना नारी हिंसा मे व्याप्त अछि, एकटा खेलाय-धुपायवाली गरीब घरक बचियाक विवाह भेलाक बाद ओकरा सासूर मे कतेक प्रताड़ित कयल जाएत छै तेकर जिवन्त एकल प्रस्तुति सँ समूचा सभागारक लोकक आँखि डबडबा गेल। तहिना, आजुक दोसर प्रस्तुति झोराहाट नाट्य समूहक कलाकार अनु श्रेष्ठ द्वारा ‘बन्द बाकस’ मार्फत गरीब घरक बेटी कतेक संघर्ष कय केँ शिक्षा ग्रहण करैत अछि, फेर अपना घरक गरीबी दूर करबाक लेल कि सब सपना देखैछ आ कोना समाज मे परिवर्तन अनबाक लेल जनयुद्ध मे हथियार उठबैछ, फेर ओ नृशंश हत्या आ हिंसा सँ क्रान्तिक मार्ग छोड़ि पुनः वैदेशिक रोजगार मे विदेश जाएछ आर कोना अपन देश सँ बाहर देश धरि गरीबी विरुद्ध नारीक संघर्ष केर बाध्यताक कारण पुरुषवादी मानसिकता द्वारा शारीरिक दोहन कयल जाएछ आर अन्त मे ओ अपन जान गमबैत बन्द बाकस यानि कौफीन मे पैक कय केँ ओकरा अपन देश पठायल जाएछ, देश मे एला उपरान्त ओकर आत्मा जागि उठैत छैक आर अपन जीवनक विभिन्न स्थिति-नियति अपन मरल मायक शरीर संग शेयर करैछ, अत्यन्त सशक्त प्रस्तुति देखाओल गेल छल। पहिल दिनक तेसर आ अन्तिम प्रस्तुति बाल विधवाक कठोर मानसिक पीड़ा केँ देखौलक। एहि नाटकक नाम ‘सुनामी’ छल जे परिवर्तन थिएटर – काकड़भिट्टा द्वारा प्रस्तुत कयल गेल। एहि नाट्य समूहक कलाकार कविता नेपाल बहुत सुन्दर ढंग सँ एकल प्रस्तुतिक मार्फत विधवाक पीड़ा आ समाजक कठोर व्यवहार पर प्रकाश देने छलीह।

ई महोत्सव विराटनगर स्थित मैथिली सेवा समिति तथा दहेज मुक्त मिथिलाक सह-आयोजन मे कयल गेल जाहि मे स्थानीय मैथिलीभाषी उद्योगपति-व्यवसायी संग एसियन थाई फूड्स प्रा. लि. (रमपम चाउचाउ) केर प्रायोजन मे आयोजित कयल गेल अछि। प्रायोजकक तौरपर द ड्रीमलैन्ड केर संचालक कुमुद झा, जानकी पोलिटैंक केर संचालक संतोष चौधरी एवं छिन्नमस्ता टेक्निकल एजुकेशन एकेडमीक तरफ सँ करुणा झा द्वारा कलाकार लोकनि केँ खादा एवं पुष्पमाला सँ सम्मानित कयल गेल छल। तहिना माननीय राष्ट्रीय सभा सदस्य तथा प्रदेश सभा सदस्य द्वारा सब कलाकार केँ सिनेहक प्रतीक चिह्न प्रदान करैत उत्साहवर्धन कयल गेल। नाटकक मंचन केर पूर्व एवं अन्त केर प्रस्तुति प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं मंच तथा साज-सज्जाक प्रबंध कयनिहार राम भजन कामत तथा कांछा मिलन द्वारा भेल।

दर्शक दीर्घा सँ विभिन्न नाटकक प्रतिक्रिया लेबाक सत्र बहुत रुचिपूर्ण आ जिज्ञासा कतेक बेसी मात्रा मे नाटक देखिकय बढैत-बनैत अछि – ताहि बात विलक्षण दृश्य हरेक नाटकक अन्त मे देखय लेल भेटल। नाटक पर प्राज्ञ दधिराज सुवेदी, प्रा. डा. टंक न्यौपाने, युवा राजनीतिकर्मी पंकज वर्मा, शिक्षाविद् भगवान् झा, धीरेन्द्र शाह सहित दर्जनों दर्शक लोकनि द्वारा विभिन्न दृश्य, संवाद, प्रस्तुति, अभिनय आदि पर टिप्पणी सँ महोत्सवक पहिल दिवस अत्यन्त सजीवताक संग सम्पन्न भेल।

विदित हो जे ई महोत्सव काल्हि आ परसू सेहो क्रमशः १ बजे, २ बजे आ ३ बजे केर समय मे कुल ३ गोट प्रस्तुति दुनू दिवस मे होयत। एहि मे आम दर्शकक संग स्कूली बाल-बालिका लोकनि सेहो अपन उपस्थिति दैत मनोरंजन ओ जनजागरणक हिस्सा बनि रहल छथि।