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प्रवीण नारायण चौधरी

नीतीश कुमार केर स्वच्छ-ईमानदार आ सुशासन-विकासक छवि मे जुड़ल एकटा आर तारा

नेता ओ जे निर्णय जनहित मे करयः बिहार लेल वरदान भेला “नीतीश कुमार”   बिहार केर तकदीर बदलनिहार नेता “नीतीश कुमार” अपन दूरदृष्टि सँ भरल कतेको निर्णय लेल युगों-युगों तक स्मरण कयल जेताह।   शराबबन्दी – दहेजबन्दी – सुशासन – विकास – स्वच्छ आ ईमानदारिता सँ नेतृत्व प्रदान करबाक अकाट्य उदाहरण – कइएक सकारात्मक पक्ष नीतीश कुमार केर स्वच्छ-ईमानदार आ सुशासन-विकासक छवि मे जुड़ल एकटा आर तारा

दहेज प्रथा एक कुप्रथा बनल – रेडियो कार्यक्रम “मोनक बात” केर प्रभाव समाज पर पड़ब शुरू

गुरुदेव संग ‘मोनक बात’ पर बातचीत   रेडियो नागरिक एफएम पर ‘मोनक बात’ कार्यक्रम अरविन्द मेहता जी आ हम पिछला २ शनि केँ सवा ८ बजे सँ १० बजे धरि चलेलहुँ। हालांकि निर्धारित समय अछि मात्र ४५ मिनट, मुदा पब्लिक केर समर्थन आ सहकार्यक जोर देखि एकर समय लगातार २ शनि केँ १ घंटा अधिक दहेज प्रथा एक कुप्रथा बनल – रेडियो कार्यक्रम “मोनक बात” केर प्रभाव समाज पर पड़ब शुरू

वेद आ विज्ञान बीच अपूर्व समन्वय स्थापनाकर्ता – स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती ‘पुरीक शंकराचार्य’

अति विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः पुरीक गोवर्धन मठ केर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द संग्रहः राजकिशोर झा (मार्फत श्री प्रेमचन्द्र झा) विश्वका हृदयस्वरूप इस देवभूमि भारतमें श्रीमन्नारायणसे प्रस्फुटित गुरुपरम्पराके दशवें स्थानपर इसवी सन् से 507 वर्ष पहले एक ऐसे महान् विभूतिका प्राकट्य हुआ था जिन्होंने पूरे विश्वको अपने तेज ज्ञानके प्रकाशसे प्रकाशित किया तथा मूर्तिभञ्जकों द्वारा निरन्तर प्रहार वेद आ विज्ञान बीच अपूर्व समन्वय स्थापनाकर्ता – स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती ‘पुरीक शंकराचार्य’

पुरी पीठक शंकराचार्यक ठेहुनक शल्य चिकित्सा वड़ोदरा मे, जिगेसा लेल पहुँचलाह मैथिल समाज

९ जून २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! पुरी पीठक शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती वड़ोदरा (गुजरात) मे ठेहुनक शल्य-चिकित्सा करौलनि अछि। एहि बीच शाश्वत मिथिलाक मैथिल अभियन्ता लोकनि हुनक हाल-चाल बुझैत हुनका सँ आशीर्वाद ग्रहण करय पहुँचलाह। एहि सन्दर्भ मैथिली जिन्दाबाद द्वारा जानकारी मंगला पर ज्ञात भेल जे शंकराचार्यक ठेहुन मे पिछला किछु वर्ष सँ समस्या रहनि, ओ पुरी पीठक शंकराचार्यक ठेहुनक शल्य चिकित्सा वड़ोदरा मे, जिगेसा लेल पहुँचलाह मैथिल समाज

रेप विरुद्ध कठोर कानून – २ महीनाक भीतर फैसला आ आजीवन काराबास संग मृत्युदंडक सजाय

९ जून २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! भारत मे राष्ट्रपति द्वारा रेप (बलात्कार) संग अन्य यौन्यजन्य घटना आ हत्या-हिन्साक बढैत घटना देखैत सरकार द्वारा जारी अध्यादेश केँ कानून रूप मे परिणति देबाक स्वीकृति देल जेबाक समाचार पढल। हालहि एक अढाई वर्षक बच्ची केर वीभत्स हत्या आ बलात्कारक आशंका सँ पूरे देश व दुनिया मे एहेन अपराधी प्रति रेप विरुद्ध कठोर कानून – २ महीनाक भीतर फैसला आ आजीवन काराबास संग मृत्युदंडक सजाय

मैथिली पाछू पड़बाक कारण की? कि हिन्दीक लादल गेनाय मैथिली लेल जानलेबा भेल? – अंग्रेजी मे लेख

Why Maithili Is Lagging Behind Is Hindi’s Prominence Proving Devil?  – Pravin Narayan Choudhary  (In response to #Stop_Hindi_Imposition –#Revive_Maithili – #Language_Equality_Day –#Justice_For_Maithili on Twitter & Facebook Page) At some point of time, Hindi used as the tool to spread nationalism and there princely states in Mithila region were easily convinced by the freedom fighter leaders of India to use Hindi instead मैथिली पाछू पड़बाक कारण की? कि हिन्दीक लादल गेनाय मैथिली लेल जानलेबा भेल? – अंग्रेजी मे लेख

कहियो मनन केलहुँ जे कि कयला सँ कि भेटल – आत्मचिन्तन केर एक अद्भुत दर्शन

दर्शन – प्रवीण नारायण चौधरी उद्विग्न मोनक उद्विग्नता   ओकर मालिक जहाँ सोझाँ अबैक कि ओ एकटा देवाल पर धक्का लगेनाय शुरू करय; मालिक देखैक जे ओ काज कय रहल अछि। ड्युटीक पक्का अछि। मालिक चलि जाय। फेर किछु कालक बाद जहाँ मालिकक एबाक बेर होइक कि ओ अपन पोजिशन मे फेरो वैह देवाल पर कहियो मनन केलहुँ जे कि कयला सँ कि भेटल – आत्मचिन्तन केर एक अद्भुत दर्शन

विश्वक प्राचीनतम भाषा-संस्कृति ‘मैथिली-मिथिला’ केँ पुनर्सम्मानित करबाक लेल ई आवश्यक

निरन्तर पढू, निरन्तर लिखू   बिना पढने-लिखने कोनो समृद्धि-सम्मान दीर्घायु नहि भऽ सकैत अछि   सन्दर्भः मैथिली-मिथिलाक समृद्धि आइ सब सँ बेसी दयनीय   एक जागरुक युवा कृष्ण मिश्र व अन्य लोकनि आदरणीय कुणाल सर सहित एकटा आन्तरिक विचार-विमर्श विन्डो मे मैथिली-मिथिलाक हितचिन्तन लेल निरन्तर लेखन पर बल देबाक बात कहलनि। सच्चे, बिना निरन्तर लिखने, विश्वक प्राचीनतम भाषा-संस्कृति ‘मैथिली-मिथिला’ केँ पुनर्सम्मानित करबाक लेल ई आवश्यक

मिथिला सभ्यता परिपूर्ण, तैयो हम सब भऽ रहल छी विमुख, झेलि रहल छी संकट

विचार – डा. लीना चौधरी मिथिला संस्कार और प्रकृति मैथिल समाज में जतेक पूजा पाठ अइछ सब हमरा सब के प्रकृति से बहुत गहराई से जोड़ैत अइछ। अखन काइले बीतल वटसावित्री पूजा में उपयोग सब वस्तु हमरा सबके बतबइ अइछ की छोट से छोट चीज के अपन महत्व अइछ। बांस के बीयन और बांसक डाली मिथिला सभ्यता परिपूर्ण, तैयो हम सब भऽ रहल छी विमुख, झेलि रहल छी संकट

बिम्सटेक आ भारत – समसामयिक राजनीति आ क्षेत्रीय सहयोग पर विचार

सम-सामयिक राजनीतिक आ क्षेत्रीय सहयोग पर विचार – राजन झा बिम्सटेक आ भारत हालहि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केर शपथ ग्रहण समारोह मे बिम्सटेक देशक राष्ट्र प्रमुख सभ के बजाओल गेल रहय त आउ जानी किछ महत्वपूर्ण बात सभ बिम्सटेक केर बारे मे. कहल जाइत अछि जे अगर अहाँ सुख आ शांति सँ रहय चाहैत छी बिम्सटेक आ भारत – समसामयिक राजनीति आ क्षेत्रीय सहयोग पर विचार