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प्रवीण नारायण चौधरी

नेपाल मे मैथिलीक आधुनिक पृष्ठपोषण आर राजविराजक मैथिली साहित्य परिषद

दू हजार छिहत्तरि सालः मैथिली साहित्य परिषदकलेल महत्वपूर्ण वर्ष – देवेन्द्र मिश्र मैथिली भाषाक उन्नयन आ संरक्षण–सम्बर्द्धन करएबला संस्थाक रुपमे मैथिली साहित्य परिषद राजविराजक अग्रणी स्थान अछि । एहि संस्थाकलेल विक्रम सम्वतक ई दू हजार छिहत्तरि साल दूटा दृष्टिसँ महत्वपूर्ण अछि । एकः एहि वर्ष २०७६ साल अषाढ दू गतेक दिन अर्थात काल्हि परिषदक स्थापना भेल पचास नेपाल मे मैथिलीक आधुनिक पृष्ठपोषण आर राजविराजक मैथिली साहित्य परिषद

अनुत्तरित प्रश्न – भाग २ः महाभारतक गांधारी संग आजुक स्त्री समाजक ज्वलन्त प्रश्न

अनुत्तरित प्रश्नः गांधारी – डा. लीना चौधरी अहाँ कखनो विचलित नइ भेलउं गांधारी अपन आँखि पर बान्हल पट्टी केँ मन पर बान्हैत? धृतराष्ट्र संग विवाह अहांक विवशता छल… अपन पिताक राष्ट्र और अपन लोकक प्राण रक्षा लेल। कियैक कि अहां बुझैत छलियैक जे हस्तिनापुर सं आयल प्रस्ताव केँ नइ मानबाक परिणाम अहांक राष्ट्र केर विनाश होयत। अनुत्तरित प्रश्न – भाग २ः महाभारतक गांधारी संग आजुक स्त्री समाजक ज्वलन्त प्रश्न

ब्रह्माण्डक बनावट आर सभक मालिक केर निवासस्थलक सहज वर्णन – रोचक आ पठनीय लेख

परमपिता परमेश्वरक धाम कोन ठाम अछि, मनुष्यक पहुँच ओतय धरि कियैक नहि – मूल लेखकः अनिरुद्ध जोशी ‘शतायु’ (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) एतय हम भगवानक नहि बल्कि ईश्वर केर, परमात्मा केर या ब्रह्म केर बात कय रहल छी। वर्तमान मे लोक ‘भगवान’ शब्द केँ ‘ईश्वर’ सँ जोड़ैते अछि ताहि सँ एहि लेख केर शीर्षक मे ब्रह्माण्डक बनावट आर सभक मालिक केर निवासस्थलक सहज वर्णन – रोचक आ पठनीय लेख

अपन-अपन कर्तव्य सँ परिचित रहि नीक-बेजा केर द्वंद्व सँ मुक्त रहब जरूरी

के नीक आ के बेजा नीक आ बेजा केर परिभाषा सामान्य सँ ऊपर सेहो एकटा होइत छैक। ओ थिकैक अपन-अपन दृष्टिकोण सँ केकरो नीक बुझब आ केकरो खराब बुझब। सामान्य समझ मे जे नीक-बेजा छैक से त छहिये। आब एकर मीमांसा मे प्रवेश करब त सामान्यतः पढनाय-लिखनाय केँ सब नीक कहैत छैक, बेजा कियो नहि अपन-अपन कर्तव्य सँ परिचित रहि नीक-बेजा केर द्वंद्व सँ मुक्त रहब जरूरी

पड़िते सिनूर बेटी भेलें तूँ आन गै – मिथिलेश राय केर ई भावुक करयवला मैथिली विदाई गीत

मैथिली गीत – मिथिलेश राय !! बेटी बिदाई गीत !! नयना सँ नोर बहए जाय छँए कुन गाम गै केहन विधि के विधना अपनों भेल आन गै तोरे में बसै छौ बेटी हमर पराण गै पड़िते सिनुर बेटी भ गेलें आन गै १ – हमर करेजाक टुकड़ा नहीं छँए तुँ आन गै तोरा बिनु कोना पड़िते सिनूर बेटी भेलें तूँ आन गै – मिथिलेश राय केर ई भावुक करयवला मैथिली विदाई गीत

मैथिल कविक दूरदृष्टि – त कि सच्चे अकालक लक्षण स्पष्ट भऽ रहल अछि मिथिला मे?

मैथिली कविता – मणिकान्त झा अकालक लक्षण अकालक लक्षण लागि रहल अछि काग बजैए जोर सँ वर्षा बिनु जन-जन थिक कलुशित कानय सब क्यो नोर सँ। पीबा धरि लेल जल नहि भेटय मिथिला धारक थिक नैहर बाढ़िक अबिते अपसियांत सब टूटय लागय बान्ह छहर सब दिन दुखे काटति रहलहुँ देखि लीय से ओर सँ अकालक मैथिल कविक दूरदृष्टि – त कि सच्चे अकालक लक्षण स्पष्ट भऽ रहल अछि मिथिला मे?

मानस पूजा आ एकर सारगर्भित महत्व (सभक लेल पढनाय जरूरी)

स्वाध्याय लेख – प्रवीण नारायण चौधरी मानस पूजा आ एकर महत्व भगवत्पूजन केर विधान अनेक अछि। साधारणतया जल, अक्षत, जौ, तिल, दुभि, फूल, बेलपत्र, चन्दन, नैवेद्य, धूप, दीप, ताम्बूल (पान-सुपारी), दक्षिणा, आदि द्रव्य (उपचार) सँ अलग-अलग मंत्र पढिकय भगवान् पर चढेबाक (समर्पण) करबाक नियम हम-अहाँ देखिते छी। चाहे कोनो पूजा हो, सत्यनारायण भगवानक पूजा हो, मानस पूजा आ एकर सारगर्भित महत्व (सभक लेल पढनाय जरूरी)

कठपिंगलइ मिथिला त्रस्त-त्रस्त – मैथिलक नौटंकीक एकटा जीवन्त खिस्सा

हम सब कहिया सुधरबः बेर-कुबेर अपनहि बुद्धिक दावी रटबाक आदति एखनहुँ कायम!   (एक केस स्टडी)   आइ भारतीय संसदक १७म पारीक शुरुआत भऽ गेल। एहि बेर ३ सांसद मैथिली मे शपथ लैत अपन भाषाक सम्मान संग अपन सभ्यता आ पहिचान केँ संविधानक एक उच्च स्थान पर स्थापित मन्दिर मे महिमामंडित कयलनि। एहि समय हरेक कठपिंगलइ मिथिला त्रस्त-त्रस्त – मैथिलक नौटंकीक एकटा जीवन्त खिस्सा

भारतीय संसद मे मैथिली मे शपथ-ग्रहण सँ शुरुआत, आगामी समय मे प्रश्न आ विमर्श सेहो मैथिली मे

१७ जून २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष विजय चन्द्र झा भारतीय संसद मे ३ गोट सांसद द्वारा मैथिली मे शपथ ग्रहण लेल हृदय सँ आभार व्यक्त कयल गेल अछि। ओ कहलनि जे दुनियाक एक गोट प्राचीन, समृद्ध आ अत्यन्त मधुर भाषा जेकरा संवैधानिक मान्यता सेहो भारतीय संविधानक आठम अनुसूची मे सूचीकृत कय भारतीय संसद मे मैथिली मे शपथ-ग्रहण सँ शुरुआत, आगामी समय मे प्रश्न आ विमर्श सेहो मैथिली मे

कोशी फिल्म महोत्सव केर शुरू भेल एंट्री ‍- समाचार हिन्दी मे जहिना आयल तहिना

कुमार रविशंकर, १७ जून २०१९ । शुरू हो गया कोशी में फिल्मों के महाकुंभ की एंट्री । 30 सितंबर तक लिए जाएंगे फिल्म । सहरसा । कोशी फिल्म फेस्टिवल सीजन 2 के लिए फिल्मों की आधिकारिक एंट्री शुरू की गई जो 30 सितंबर तक चलेगी । इस बार विदेशी और देशी भाषा के साथ साथ कोशी फिल्म महोत्सव केर शुरू भेल एंट्री ‍- समाचार हिन्दी मे जहिना आयल तहिना