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प्रवीण नारायण चौधरी

दहेज मुक्त मिथिलाः वैवाहिक समस्याक समाधान लेल विश्वसनीय मंच

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी समस्या आ समाधान पराम्बा जानकी केर कृपा अद्भुत अछि, कियैक त अपने लोकनि मे एक-दोसरक प्रति निष्ठा आ विश्वास मे कहियो कतहु कमी नहि देखल। दु-चारि-दस उचक्का केर बात छोड़ि दी त मोटामोटी एहि समूह पर आपसी विश्वास सर्वोत्कृष्ट अछि। से जरुरियो अछि। आखिर विवाह सँ जुड़ल विमर्श आर आदर्शतम दहेज मुक्त मिथिलाः वैवाहिक समस्याक समाधान लेल विश्वसनीय मंच

बिहार चुनाव २०२० – पटना सँ शासनक बागडोर केकर हाथ

बिहार चुनाव २०२० – पटना सँ शासनक बागडोर केकर हाथ बंग भंग भेलाक बाद प्रान्तीय संरचना मे बनल बिहार – १९१२ ई. मे, पुनः १९३६ ई. मे उड़ीसा अलग भेल आर फेर २००० ई. मे झारखंड अलग भेल – आर आब जे बचल अछि से बिहार भारतक प्रान्तक रूप मे मात्र नहि राजनीतिक स्वरूप केँ बिहार चुनाव २०२० – पटना सँ शासनक बागडोर केकर हाथ

शास्त्र-पुराण संग हम मानवक अन्योन्याश्रय सम्बन्ध – दर्शन आ विचार

दर्शन-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कि कहैत अछि अपन शास्त्र-पुराण   उमेर केर आजुक पौदान धरि अबैत ई बात कतेको बेर मस्तिष्क मे आयल अछि जे शास्त्र-पुराण केर वचन आखिर हमरा सब वास्ते एतेक महत्वपूर्ण कियैक मानल जाइछ। आब ई प्रश्न गुरुजन सँ पूछब त ओहो लोकनि कहता जे ओ सिद्ध कयल सत्य (प्रमेय, अकाट्य शास्त्र-पुराण संग हम मानवक अन्योन्याश्रय सम्बन्ध – दर्शन आ विचार

दहेज मुक्त मिथिला वेबिनार १ – अपन योगदान – जमीनी अभियान

२७ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! दहेज मुक्त मिथिला वेबिनार – १   अपन योगदान – जमीनी अभियान   काल्हि २६ सितम्बर सन्ध्याकाल ९ बजे सँ ११ बजेक समय मे ‘अपन योगदान – जमीनी अभियान’ विषय पर दहेज मुक्त मिथिला द्वारा प्रथम वेबिनार केर आयोजन कयल गेल। एहि आयोजन मे स्वेच्छा सँ सदस्य लोकनि अपन दहेज मुक्त मिथिला वेबिनार १ – अपन योगदान – जमीनी अभियान

कि थिक मलमास आ एहि मासक कि सब होइछ विशेषता – आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र संग मन्थन

आध्यात्मिक चर्चा – आचार्य धर्मेन्द्र नाथ मिश्र कियैक होयत अछि पुरूषोत्तम मास मलमास के पुरूषोत्तममास, अधिमास आ अधिकमास केर नाम सँ जानल जायत अछि। समान्यतया अधिकमास ३२ महीना १६ दिन ४ घड़ी केर अन्तर सँ आबैत अछि। धर्मग्रंथ में प्रत्येक २८ मासक पश्चात आ ३७ मास सँ पहिने अधिकमास होबाक बात कहल गेल अछि। अधिकमास कि थिक मलमास आ एहि मासक कि सब होइछ विशेषता – आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र संग मन्थन

कोन नीकः प्रेम विवाह कि पारम्परिक विवाह

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कोन नीकः प्रेम विवाह कि पारम्परिक विवाह ई हमर नितान्त व्यक्तिगत विचार छी। हमर एहि विचार सँ किनको निर्णय केँ हम परिवर्तित करय लेल नहि चाहि रहल छी, बल्कि यदि विचार मे स्पष्टता, यथार्थता आ सतर्कताक कोनो भान हुअय तऽ अपन विचार मे जरूर बदलाव आनू तेँ ई लेख लिखि कोन नीकः प्रेम विवाह कि पारम्परिक विवाह

मैथिली भाषाभाषी समाजक उत्थान हेतु आयोजित अभियान सभक लेल आर्थिक सहयोग राजकीय कोष सँ हो

विराटनगर, २३ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषाभाषी समाजक उत्थान लेल कार्यरत संस्था लेल राजकीय कोष सँ सहायता देबाक मांग संग आइ विराटनगर केर वार्ड संख्या १० केर वडाध्यक्ष श्री माधवराज वाग्लेक मुख्य आतिथ्य एवं समाजसेवी सह महानगरपालिका कार्यसमितिक सदस्य सुशीला ओझा केर अध्यक्षता मे एक बैसार कयल गेल। ई बैसार अपन विराटगढ़ परोपकार मैथिली भाषाभाषी समाजक उत्थान हेतु आयोजित अभियान सभक लेल आर्थिक सहयोग राजकीय कोष सँ हो

कोना बनेबय दहेज मुक्त मिथिला

कोना बनत दहेज मुक्त मिथिला   दहेज प्रथा खराब छैक। दहेजक लेन-देन अबैध छैक। लेकिन समाजक अगुआ वर्ग एकरा जानि-बुझि अपनेने अछि। अपना केँ जे चलाक आ चतुर बुझैत अछि ओकरा वास्ते दहेज प्रथा बहुत उपयोगी छैक। ओ अहाँ केँ एहेन-एहेन तर्क सब देत जे अहाँ केँ उल्टा बेवकूफ सिद्ध करत आ फेर हँसी उड़बैत कोना बनेबय दहेज मुक्त मिथिला

बिहार विधानसभा चुनाव २०२० सन्दर्भित मैथिल मतदाता लेल विचारनीय विषय-वस्तु

विचार – राज किशोर झा #बिहार_विधानसभा_चुनाव_2020 बिहारमे प्रस्तावित चुनाव अगिला पांच वर्षक भविष्य तय करत। राज्य एखनो बेसिक जरूरतकेँ पूरा करबामे जुझैत देखा रहला। जाहि राज्यमे एतेक मेधावी, कर्तव्यनिष्ठ आ मेहनती युवा वर्गक संख्या होइक ओहि राज्य के तेजीसँ विकास करबाक संभावना बेसी हेबाक चाही छल। हम सब वैश्विक विकासक एक अहम धूरी बनि चुकलौंहा बिहार विधानसभा चुनाव २०२० सन्दर्भित मैथिल मतदाता लेल विचारनीय विषय-वस्तु

मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण आ सेवा केर १०० वर्ष पूर्ण

मातृभाषा लेल समर्पण केर १०० वर्ष मैथिली भाषा-साहित्यक इतिहास मे मातृभाषाक रूप मे मैथिलीक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक अभियान लगभग १९२० ई. मे शुरुआत भेल छल। विद्यापति केर ‘देसिल वयना सब जन मिट्ठा’ केर उद्घोष संग अपन भाषाक प्रति जनजागरण केर अभियान सेहो एहि आसपास १९२०-३० केर बीच मे मानल जाइत अछि। एहि तरहें मातृभाषा मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण आ सेवा केर १०० वर्ष पूर्ण