रामचरितमानस मोतीः लंका जरेलाक बाद हनुमान्जी द्वारा सीताजी सँ विदाइ माँगब आर चूड़ामणि पायब
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लंका जरेलाक बाद हनुमान्जी द्वारा सीताजी सँ विदाइ माँगब आर चूड़ामणि पायब १. पूँछ मिझा, थकावट दूर कयकेँ आर फेर छोट सन रूप धारण कय हनुमान्जी श्री जानकीजीक सोझाँ हाथ जोड़िकय ठाढ़ भ’ गेलथि। हनुमान्जी कहलखिन – हे माता! हमरा कोनो चिह्न (पहिचान) दिअ, जेना श्री रघुनाथजी हमरा … रामचरितमानस मोतीः लंका जरेलाक बाद हनुमान्जी द्वारा सीताजी सँ विदाइ माँगब आर चूड़ामणि पायब




