Search

प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः लंका जरेलाक बाद हनुमान्‌जी द्वारा सीताजी सँ विदाइ माँगब आर चूड़ामणि पायब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लंका जरेलाक बाद हनुमान्‌जी द्वारा सीताजी सँ विदाइ माँगब आर चूड़ामणि पायब १. पूँछ मिझा, थकावट दूर कयकेँ आर फेर छोट सन रूप धारण कय हनुमान्‌जी श्री जानकीजीक सोझाँ हाथ जोड़िकय ठाढ़ भ’ गेलथि। हनुमान्‌जी कहलखिन – हे माता! हमरा कोनो चिह्न (पहिचान) दिअ, जेना श्री रघुनाथजी हमरा रामचरितमानस मोतीः लंका जरेलाक बाद हनुमान्‌जी द्वारा सीताजी सँ विदाइ माँगब आर चूड़ामणि पायब

समकालीन मैथिली लेखक कोश पोथी पर मित्रेश्वर अग्निमित्रक उद्गार

पोथी परिचय – डा. मित्रेश्वर अग्निमित्र प्रसंग: मैथिली साहित्य संसारक एक टटका वैभव बड्ड जरूरी, बहुत उपयोगी, खूब प्रशंसनीय एक पुस्तक प्रकाशित भेल अछि – ‘समकालीन मैथिली लेखक कोश’ ! हमर सौभाग्य जे ओ बहु-प्रतीक्षित पुस्तक हमर हाथ में अछि, हम पढ़ि रहल छी. मैथिली साहित्य जगतक विशालताक झलक एहि ऐतिहासिक पुस्तक में सहजहि भेटैछ. समकालीन मैथिली लेखक कोश पोथी पर मित्रेश्वर अग्निमित्रक उद्गार

रामचरितमानस मोतीः लंकादहन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लंकादहन पूर्व प्रसंगः रावण केँ हनुमान्‌जी बहुत गूढ़ सन्देश देलनि, तथापि अहंकार मे चूर रावण लेल ओ व्यर्थ भेल। आब रावण द्वारा हनुमान्‌जी केँ दण्डित करबाक क्रम चलि रहल अछि, अंग-भंग कय केँ वापस पठेबाक बात कहला उपरान्त आगू कहैत अछि – १. हम सबकेँ बुझाकय कहि रहल रामचरितमानस मोतीः लंकादहन

मैथिली धारावाहिकः हम आबि रहल छी भाग १९ सँ २२ धरि

मैथिली उपन्यास पर आधारित धारावाहिक लेख – हम आबि रहल छी – रबीन्द्र नारायण मिश्र हम आबि रहल छी (भाग १९ -२२) 19 गंगाकेँ गाम अएला मासदिनसँ बेसी भए गेलैक । सोचने रहए जे सात-आठ दिनमे वापस भए जाएब। मुदा गाम अएलाक बाद वापस दिल्ली जेबाक मोने नहि होइक । अपनोसँ बेसी ओकर माए-बाबूकेँ गामेमे रहबाक मैथिली धारावाहिकः हम आबि रहल छी भाग १९ सँ २२ धरि

रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्-रावण संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमान्‌-रावण संवाद पूर्वदृश्यः अशोक वाटिका मे सीताजी सँ हनुमान्‌जी भेंट कयला उपरान्त फल खेबाक लेल सीतामाता सँ आज्ञा मांगि चलि पड़लाह आ तदोपरान्त फल खेबाक संग-संग वाटिका मे उजाड़-उपाड़ करय लगलाह, ताहि पर जे रखबार हंटय-दबारय आयल ओकरा मसलि-मसलि कय मारय लगलाह। बाद मे रावण लग गोहारि कयलक रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्-रावण संवाद

मैथिली भाषा संग राज्य द्वारा शत्रुताक सब सँ पैघ प्रमाणः पटना हाई कोर्ट के निर्णय

अध्ययनशील मैथिलजन – याद करू ओ दिन (सन्दर्भ मैथिली भाषा सँ राज्यक शत्रुता आ पटना हाई कोर्ट द्वारा ऐतिहासिक निर्णय) लालूराज द्वारा कयल गेल ऐतिहासिक अत्याचार ‘बिपीएससीसँ मैथिलीकेँ हंटेनाय’ कियो नहि बिसरल होयब। नवतुरिया (युवा)केँ एहि मामिला केँ खूब नीक सँ बुझबाक चाही। १९९२ मे सरकारक आदेश भेल छल। लेकिन एकरा विरूद्ध पटना हाई कोर्ट मैथिली भाषा संग राज्य द्वारा शत्रुताक सब सँ पैघ प्रमाणः पटना हाई कोर्ट के निर्णय

महिला आत्मनिर्भरता

लेख – संगीता मिश्र महिला आत्मनिर्भरता आइ अपन मिथिला समाज मे पुरुष पर आर्थिक उपार्जनक एकल भार (जिम्मेदारी) रहबाक कारण समाज मे असन्तुलन स्पष्ट अछि, एकर कतेको प्रकार के दुष्परिणाम सब सेहो सोझाँ अभैर रहल अछि। मिथिला मे, खास कय केँ कथित बड़का जाति के लोक महिला केँ बाहरी संसार मे अन्य क्षेत्रक महिला सँ महिला आत्मनिर्भरता

गृहस्थीक अवलम्बा स्त्री शक्तिः दुराचारिणी सँ सावधान

लेख – संगीता मिश्र गृहस्थीक अवलम्बा स्त्री शक्तिः दुराचारिणी सँ सावधान ‘पति-पत्नी आ ओ’ ‍– फिल्मक लोकप्रियता संग मिथिला समा मे सेहो ई ‘ओ’ प्रकरण आ ‘प्रेम प्रकरण’ कतेको रास परिवार केँ ध्वस्त कय देलक। ई ‘ओ’ के कारण बहुतो गृहस्थी खराब हेबाक बात सर्वविदिते अछि। ‘ओ’ के कारण पति-पत्नी बीच दरार अबैत अछि आ गृहस्थीक अवलम्बा स्त्री शक्तिः दुराचारिणी सँ सावधान

सिंगल मदर के आन्तरिक पीड़ा आ संघर्षक कथा

लेख – संगीता मिश्र सिंगल मदर के आन्तरिक पीड़ा आ संघर्षक कथा आजुक स्थिति-परिस्थिति मे गामक शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा भारी सवाल ठाढ़ भेल छैक । एहेन नहि छैक जे गाम-घर मे पढाई करबाक माहौल नहि छैक, लेकिन शहरी परिवेश संग शहरी विद्यालयक एडवान्स्ड शिक्षा प्राप्त कयल लोक लेल करियर बनबय सँ लयकय शहरहि मे सिंगल मदर के आन्तरिक पीड़ा आ संघर्षक कथा

स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन

लेख – संगीता मिश्र स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन (महिला सच मे दोसर महिलाक दोस्त होइत छथि आ कि दुश्मन? हमर कटु अनुभव) आइ जतेक टूटल-बिखड़ल परिवार देखाइत अछि तेकर जड़ि मे महिलाक भूमिका रहिते टा छैक। आ सब सँ दुखद बात ई जे बेसी केस मे कोनो महिले दोसर महिलाक हक-अधिकार आ इच्छा-मनोरथ विपरीत स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन