ईमानदारीक संगे समझदारी सेहो जरूरी छैक – रूबी झा केर टटका लघुकथा
लघुकथा – रूबी झा मुरली बाबू (काल्पनिक नाम) तीन भाय छलाह। साझी आश्रम रहैन। दादाजी घर के मुखिया रहथिन और पिताजी पाँच भाय छलखिन्ह। सब गाम स बाहर रहै छलखिन्ह हिनक पिताजी छोड़ि क। पिताजी और दादाजी मिल क घर-गृहस्थी सम्हारै छलखिन्ह। दादाजी बहुत नामी-गामी और काफी समझदार व्यक्ति रहथिन्ह। दिन हिनक सभ के बहुत … ईमानदारीक संगे समझदारी सेहो जरूरी छैक – रूबी झा केर टटका लघुकथा









