मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड तेसर अध्याय – राम केँ वनवासक आज्ञा
कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – तेसर अध्याय राम केँ वनवासक आज्ञा ॥अध्याय ३॥ ।चौपाइ। ।मिथिला संगीतानुसारेण श्रीमालव छन्द। काज मन्त्रि केँ कहि नृप देल । अपनैँ अन्तष्पुर मे गेल ॥१॥ नृपति न देखल केकयि आँखि । की वृत्तान्त उठल नृप भाखि ॥२॥ अबइत हसइत नित जे आब । केकयि काँ छल सिद्ध स्वभाव ॥३॥ … मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड तेसर अध्याय – राम केँ वनवासक आज्ञा







