विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के?
लेख – संगीता मिश्र विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के? प्रत्येक मनुष्य के जीवन मे कोनो तरहक आपदा-विपदा पड़ि जाइत छैक, ओकर पीड़ा मे असगरे ओ तड़पैत आ छटपटाइत रहैत अछि, समाधान के बाट तक नहि सुझाइत रहैत छैक, एहेन दुरावस्था मे कियो संग देनिहार विरले अभरि पबैत छैक…. हमर अनुभव एहने कड़ू आ तीत … विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के?







