शास्त्र-पुराण संग हम मानवक अन्योन्याश्रय सम्बन्ध – दर्शन आ विचार
दर्शन-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कि कहैत अछि अपन शास्त्र-पुराण उमेर केर आजुक पौदान धरि अबैत ई बात कतेको बेर मस्तिष्क मे आयल अछि जे शास्त्र-पुराण केर वचन आखिर हमरा सब वास्ते एतेक महत्वपूर्ण कियैक मानल जाइछ। आब ई प्रश्न गुरुजन सँ पूछब त ओहो लोकनि कहता जे ओ सिद्ध कयल सत्य (प्रमेय, अकाट्य … शास्त्र-पुराण संग हम मानवक अन्योन्याश्रय सम्बन्ध – दर्शन आ विचार









