रामचरितमानस मोतीः श्री सीता-त्रिजटा संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीता-त्रिजटा संवाद १. त्रिजटा द्वारा देखल गेल सपनाक वृत्तान्त सुनि सीताजीक चरण लागि सब राक्षसी एम्हर-ओम्हर चलि गेल। सीताजी मोन मे विचार करय लगलीह जे एक मास बिति गेलाक बाद नीच राक्षस रावण हमरा मारत। से सोचि सीताजी हाथ जोड़िकय त्रिजटा सँ कहली – हे माता! तूँ … रामचरितमानस मोतीः श्री सीता-त्रिजटा संवाद





