रामचरितमानस सँ सीख – ७
स्वाध्यायः रामचरितमानस सँ सीख – ७ विप्र धेनु सुर संत हित, लिन्ह मनुज अवतार। निज इच्छा निर्मीत तनु माया गुन गोपार॥ १. मणि, माणिक और मोती केर जेहेन सुन्दर छवि छैक ओ साँप, पर्वत आर हाथीक माथ पर ओतेक शोभा नहि पबैत छैक जतेक कि राजाक मुकुट आर नवयुवती स्त्रीक शरीर केर संसर्ग पाबि ई … रामचरितमानस सँ सीख – ७








