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प्रवीण नारायण चौधरी

ईश्वर एवं जीव स्वतन्त्र छथि वा परतन्त्रः पंडित रुद्रधर झा कृत् गूढ तत्त्व समीक्षा

स्वाध्याय – गूढ तत्त्व समीक्षा ईश्वर और जीव स्वतन्त्र छथि कि परतन्त्र – पंडित रुद्रधर झा   (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   गोस्वामी तुलसीदासजी रामचरितमानस केर उत्तरकाण्ड मे लिखलनि अछि – ‘परवश जीव स्ववश भगवन्ता’ – लेकिन मीमांसकसम्राट कुमारिल भट्ट अपन कारिका केर अन्तर्गत लिखलनि अछि जे – ‘यत्नतः प्रतिषेध्या नः पुरूषाणां स्वतन्त्रता’। ईश्वर जीव ईश्वर एवं जीव स्वतन्त्र छथि वा परतन्त्रः पंडित रुद्रधर झा कृत् गूढ तत्त्व समीक्षा

मनोरंजन मे अश्लीलता केँ मिथिला समाज मे बढावा के देलक?

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी आर…. ई देखू! समाज यथार्थता – अश्लीलता केकरा लेल वर्ज्य हो? मनोरंजन मे ‘अश्लीलता’ जतय बहुल्य समाज स्वयं कलाकार सँ माँग करैत अछि, ओत्तहि एकटा वर्ग एहनो अछि जे अपना केँ ओहि सँ बचाबय लेल ‘फतवा’ जारी केलक अछि। कोनो एक गायिकाक एक गीत केर मुद्दा त बस एकटा निश्चित मनोरंजन मे अश्लीलता केँ मिथिला समाज मे बढावा के देलक?

गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता

कविताः गरीबी उन्मूलन – प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल गरीबी कोनाक घटय मंच जीवनक सजल कवि लिखै अछि गजल कल्पनाकेर संसारमे माथ हरदम सोचय काज बस कोना हुअय गरीबीकेर नाम पर कवित आर कथा लिखी सुनि जेकर किछु मर्म लोक जे कानय-बजय मंत्रमुग्ध भऽ सब कियो चारू दिशि ताली पीटय भावनामे बहियो कियो कानि-कानि छाती गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता

कहलौं न – हम दोसर लोक छी….!! हँ-हँ, बुझि गेलौं अहाँ केहेन लोक छी!! – संतोषीक जोरदार हास्य कविता

कविताः दहेज पर आधारित – कवि संतोषी, धरान, नेपाल कहलौं न – हम दोसर लोक छी…..!! कहलौं न- हम दोसर लोक छी….!! एलौंह त बैसू कल कुशल सँ, हेबैह करतैह सब रंग बात, कन्यागत बैनि आयल छी अपनहिं, स्वागत में हम बरक बाप, लियह न शरबत, अपनहिं गाछक नेबो ऐहि में गारल अई, ओ कोल्ड कहलौं न – हम दोसर लोक छी….!! हँ-हँ, बुझि गेलौं अहाँ केहेन लोक छी!! – संतोषीक जोरदार हास्य कविता

मैथिली भाषा सँ रोजगार आ खुल्ला बाजारः सांस्कृतिक जनजागरण केर महत्वपूर्ण विकास

बाजारवाद और संस्कृतिः मैथिलीक परिप्रेक्ष्य मे (छूछ आलोचक लोकनिक नजरि खोलबाक लेल विशेष)   एखन सोशल मीडिया पर मैथिली गीत-संगीत एवं मनोरंजन मे ‘अश्लीलता’ केर प्रयोग पर खूब जोरदार बहस चलि रहल अछि। हरेक विषय मे समर्थन आ विरोध दू टा पक्ष एहि विषय मे सेहो स्पष्ट छैक। आइ मैथिली जिन्दाबाद पर पुनः एकटा बौद्धिक मैथिली भाषा सँ रोजगार आ खुल्ला बाजारः सांस्कृतिक जनजागरण केर महत्वपूर्ण विकास

नाटक लेखन सँ एनिमेशन फिल्म निर्माण धरि मैथिलीक स्टार युवा फिल्मकार अभिकाश झा

विशिष्ट युवा प्रतिभा परिचयः मैथिली मे एनिमेशन फिल्म निर्माणकर्ता ‘अभिकाश झा’ हम मिथिला छी। हमर माटि-पानि-आवोहवा सब किछु सदैव किछु नव सृजनकर्म लेल प्रेरित करैत अछि। जाहि माटि सँ साक्षात् पराम्बा जानकी अवतार लेलनि, अवश्य ओकर सौभाग्यक सीमा नहि रहि गेल अछि। भाग्यशाली हमर समस्त संतान जेकर रोम-रोम मे ज्ञान अपन विभिन्न रूप मे छलकैत नाटक लेखन सँ एनिमेशन फिल्म निर्माण धरि मैथिलीक स्टार युवा फिल्मकार अभिकाश झा

मैथिली गीत-संगीत-नृत्यक बाजार पर भोजपुरी-हिन्दीक राज, समाधान किः मंथन

मैथिली कलाकार लेल रोटीक जोगार   (सुझाव अपेक्षित, सिर्फ छूछ आलोचना आ फुस्टिकबाजी फेसबुकिया विरोध सँ काज नहि चलत।)   हिन्दी सिनेमा नाम मे एकटा गीत ‘चिट्ठी आयी है आयी है चिट्ठी आयी है’ बड लोकप्रिय भेल छल। एहि गीतक पृष्ठभूमि मे जाहि बात केर फिल्मांकन कयल गेल छलैक ताहि मे स्वदेशक भाइ केर व्यथा मैथिली गीत-संगीत-नृत्यक बाजार पर भोजपुरी-हिन्दीक राज, समाधान किः मंथन

केना आ कतय सँ कीनब मिथिला टी-शर्ट – मोदीश ब्लू केर सीईओ प्रबोध झा संग बातचीत

मैथिली स्लोगन सहितक गंजीक बढैत डिमान्ड   हालहि मिथिलाक एक युवा प्रतिभा द्वारा ‘मैथिली स्लोगन सहितक टी-शर्ट’ पर विस्तृत खबरि मैथिली जिन्दाबाद पर देल गेल छल। विदिते अछि जे उपरोक्त टी-शर्ट केर डिजाइनिंग मे सब सँ खास बात ई छैक जे ओहि पर मिथिलाक प्रचलित आ लोकप्रिय नारा (स्लोगन) केँ आर्टिस्टिक मैनर (कलात्मक तरीका) मे केना आ कतय सँ कीनब मिथिला टी-शर्ट – मोदीश ब्लू केर सीईओ प्रबोध झा संग बातचीत

मैथिली गीत मे अश्लीलता पर सामाजिक संजाल मे उठल विवादः परम्परावाद वर्सेस बाजारवाद

१९ सितम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषाक मधुरता मे एक विलक्षण आ अनुपम आधार अछि हर मौसम, हर क्षण आ हरेक अवसर लेल विशिष्ट गायन परम्परा जे मिथिलाक सभ्यता केर पूर्णता, प्राचीनता आ पारम्परिकताक मान्यता पर चलबाक प्रतिबद्धता केर परिचायक मानल जाइछ। लोकगीत सँ जीवनक सिद्धान्त धरि प्रतिपादित होयबाक अनेकानेक शोध कार्य तक एहि भूभाग मैथिली गीत मे अश्लीलता पर सामाजिक संजाल मे उठल विवादः परम्परावाद वर्सेस बाजारवाद

रंजना हत्याकाण्ड – एक भाइ केर दर्द तथा समाज मे दहेज लोभीक खेलावेला

समाज लेल संदेशः दहेज मुक्त मिथिला बहिन रंजना आब एहि संसार मे नहि अछि। दहेज लोभी केँ एकटा बुलेट मोटरसाइकिल चाहैत छल। ओ हालहि अप्रैल मे विवाह कयल गेल रंजना सँ एहि एक मोटरसाइकिल केर मांग केँ अपन पिता सँ पूरा कराबय लेल अनेकों प्रताड़णा देलक, अन्त मे स्थिति एहेन भऽ गेलैक जे जान सँ रंजना हत्याकाण्ड – एक भाइ केर दर्द तथा समाज मे दहेज लोभीक खेलावेला