अत्यन्त जरूरी विमर्शः मैथिली भाषा-साहित्यक विद्वानक पहिचान की ?
मैथिली विमर्श ओ विमर्शकारक स्तर पर आधारित एक जरूरी चर्चा – प्रवीण नारायण चौधरी “विभिन्न सेमिनार सभमे तथाकथित ‘मैथिली’ विद्वान् वक्ता सभकेँ सुनि एहि निष्कर्ष पर पहुँचलहुँ अछि जे वक्ताक रुपमे हुनके आमंत्रित कएल जएबाक चाही जे मासमे कम सँ कम पाँच गोट पोथी पढ़ैत होथि ।” – मैथिली साहित्यकार ‘सत्येन्द्र कुमार झा’ एहि विन्दु … अत्यन्त जरूरी विमर्शः मैथिली भाषा-साहित्यक विद्वानक पहिचान की ?









