एकर सच्चाई स्वयं निरीक्षण कय सकैत छी
ओ व्यक्ति सम्मान योग्य नहि जे स्वयं अपन भाषाक सम्मान नहि करय ओ व्यक्ति सम्मान योग्य नहि भऽ सकैत अछि। हालांकि एहि भ्रम मे बहुतो लोक फँसल अछि, ओकरा अपना होइत छैक जे अपन भाषाक बदला हिन्दी या अंग्रेजी बाजब त लोक बेसी पैघ आ पढ़ल-लिखल विद्वान् बुझत, लेकिन ओकर स्वयं केर आत्मा पर्यन्त … एकर सच्चाई स्वयं निरीक्षण कय सकैत छी









