पुरस्कृत मैथिली लघुकथा – प्रमाणपत्र
लघुकथा – प्रमाणपत्र – ईशनाथ झा, नरुआर (झंझारपुर), मधुबनी हम अत्यंत रूपवती छी। गोर-नारि, सुगठित देहयष्टि, कारी मुलायम केश, पैनगर पैघ आँखि, नमगर, सुरेबगर, मृदुभाषी — सबटा गुणे अछि हमरामे मुदा एकर कोनो अहंकार नहि अछि। दुनिया हमरा सन लोकसँ भरल छै। दसे बरखक भेल रही तँ पहिने माय, आ तकर बरखियो नै भैल रहै … पुरस्कृत मैथिली लघुकथा – प्रमाणपत्र








