भैयाक नामे एक महत्वपूर्ण चिट्ठी
प्रिय भैया, एहि बेर अहाँक घर आयल छलहुँ त एक बातक बहुत छगुनता लागल। भाभीजी बेर-बेर अपन धियापुता संग हिन्दी बाजि रहल छलीह। चूँकि एहेन अवस्था केँ हम घोर दरिद्रता मानैत छी, ताहि सँ मोनहि-मोन सोचिये टा कय रहि गेलहुँ…. हम किछु कहय नहि चाहैत छी एहेन व्यक्ति केँ, कारण सभक अपन-अपन जीवन होइत … भैयाक नामे एक महत्वपूर्ण चिट्ठी









