डा. सी. के. राउत द्वारा अलगाववादी राह छोड़ि सार्थक राजनीति मे प्रवेश सँ राष्ट्रहित अवश्यंभावी अछि

डा. सी. के. राउत मूलधारा राजनीति शुरुआत कयलनि अछि, तेकर प्रमाण सांगठनिक परिषद् बैठक केर आरम्भ नेपालक राष्ट्रीय गान सँ आरम्भ करबाक शैली सँ भेटैत अछि। हालहि देशद्रोहक मुद्दा सँ स्पष्टीकरण भेटलाक बाद नेपाल सरकार सँ ११ विन्दुक समझौता पत्र मे राष्ट्रक अखन्डता आ सम्प्रभुताक रक्षाक संग संघीय संविधान अनुसार आगाँक समय मे लोकतान्त्रिक प्रक्रिया मे कोनो तरहक असन्तुष्टिक समाधान लेल प्रतिबद्धता जनौने छलाह। नेपालक वर्तमान सरकार द्वारा डा. सी. के. राउत संग कयल गेल समझौता आ राउत जीक घोषणा केर स्वागत कयल गेल अछि। निश्चित जाहि बौद्धिक आ तकनीकी ज्ञान सँ भरल एक कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय सँ शोध पूरा कयला उत्तर कंप्यूटर क्षेत्र मे अपन करियर अमेरिका मे शुरू कएने छलाह तेकर लाभ आब नेपाल राष्ट्र केँ दय सकता। जेल सँ मुक्ति भेटैत देरी नेपालक प्रधानमंत्री के. पी. ओली जीक संग मंच साझा करैत डा. राउत आ नेपाल सरकार बीच सम्पन्न समझौता सार्वजनिक कयल गेल छल। एहि अवसर पर नेपालक प्रधानमंत्री ओली जी डा. राउत केर बौद्धिक सामर्थ्यक भरपूर प्रशंसा सेहो कएने रहथि। संगहि डा. राउत सेहो देशक समृद्धि लेल आगामी समय मे अपन योगदान देबाक वचनबद्धताक उद्घोष कएने छलाह।
 
विदित हो जे नेपाल मे मधेश आ मधेशी प्रति राज्य द्वारा कयल गेल दमन सँ क्षोभ करैत डा. राउत पिछला किछु समय सँ स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन मार्फत मधेश भूभाग (भारतीय सीमा सँ सटल नेपालक तराई क्षेत्र) केर स्वतन्त्रता लेल आवाज उठबैत आबि रहल छलाह। एक दिश नेपालक संप्रभुता आ अखन्डता केँ सुपरिभाषित करैत राष्ट्रक सीमा आ संविधान अन्तर्गत मधेश मधेशी समुदाय केँ अधिकारसम्पन्न बनेबाक राजनीतिक मांग सहित मधेशवादी दल द्वारा विभिन्न संघर्ष कयल जाइत रहल अछि, दोसर दिश डा. राउत केर अलगाववादी विचार सँ मधेश आन्दोलन देश केँ तोड़यवला ‘विखन्डनकारी’ मुद्दा होयबाक कलंक सेहो झेलैत आबि रहल छल। अतः एहेन अवस्था मे डा. सी. के. राउत केर निर्णय जे कोनो तरहक राजनीतिक मांग सँ मधेश केँ न्याय दियेबाक लेल मूलधाराक राजनीति करब, ई निस्सन्देह आगामी समय मे मधेशक मुद्दा केँ अनावश्यक बदनामी सँ बचायत। ओना ईहो बात सच छैक जे स्वतंत्रताक ख्वाब देखेनिहार डा. सी. के. राउत केँ अपन मुद्दा सँ पाछाँ हँटबाक वास्ते कतेको प्रकारक आलोचना खेपय पड़ि सकैत छन्हि, लेकिन समग्र स्थिति केँ देखैत ई निस्तुकी रूप सँ कहल जा सकैत अछि जे डा. राउत केर ई निर्णय दूरगामी आ राष्ट्रहितक संग मधेशी समुदाय लेल सेहो हितकर हेतैक।
 
सोशल मीडिया पर डा. राउत केर उपरोक्त निर्णय प्रति मिश्रित प्रतिक्रिया देखा रहल अछि। स्वराज केर नारा देनिहार डा. राउत सत्ताक समक्ष समर्पण कय देलनि सेहो आरोप किछु विशेष धड़ा द्वारा लगायल जा रहल अछि। किछु लोक डा. राउत केर निर्णय सँ मधेशवादी राजनीतिक दल केर राजनीति समाप्त होयबाक कयास सेहो लगा रहला अछि। किछु केर आरोप ईहो छन्हि जे डा. राउत जाहि विशेष उद्देश्य लेल स्वतंत्रता आ स्वराजक मुद्दा उठौने छलाह ताहि कारण गैर-मधेशी राजनीतिक पक्ष केँ मधेश आन्दोलन पर सवाल ठाढ करबाक मौका दय देलकैक तथा नव संविधान आ प्रदेशक सीमांकनक अवधारणा मे मधेशवादीक जुति ताहि कारण सँ नहि चलि सकल, समग्र मधेश प्रदेश तऽ पहिनहि खत्म भऽ गेल रहय आबक सीमांकन मे मधेश कइयो गोट टुकड़ा मे बँटि गेलाक बाद पुनः स्वराज आ स्वतंत्रताक बात कहिकय समय मात्र खराब करब जेकाँ होयत। किछु मत अनुसार सरकार द्वारा कयल गेल समझौता मे जन-अभिमत केँ जनमत संग्रह सँ जोड़लाक कारण सेहो कठोर आलोचना आ विरोध कयल जा रहलैक अछि। लेकिन समग्र मे समझौता स्पष्ट छैक जे नेपालक स्वाधीनता, संप्रभुता, अखन्डता आदिक रक्षा करैत राजनीतिक स्पेस नेपालक मूलधाराक राजनीतिक पक्ष सभ सँ प्राप्त करैत आगामी समय मे सार्थक राजनीति डा. राउत द्वारा कयल जायत। देश केँ एकर लाभ जरूर भेटत।
 
हरिः हरः!!