रामचरितमानस मोतीः दशरथ सँ कैकेइ केर दुइ वरदानक माँग आ तेकर बाद….
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती दशरथ-कैकेइ संवाद आ तदोपरान्त दशरथ-कैकेइ संवाद और दशरथ शोक, सुमन्त्र केर महल मे जायब आर ओतय सँ घुमिकय श्री रामजी केँ महल मे पठायब १. छन्द : केहि हेतु रानि रिसानि परसत पानि पतिहि नेवारई। मानहुँ सरोष भुअंग भामिनि बिषम भाँति निहारई॥ दोउ बासना रसना दसन बर मरम … रामचरितमानस मोतीः दशरथ सँ कैकेइ केर दुइ वरदानक माँग आ तेकर बाद….





