मैथिली फुल नहि फुलबारी छी
मैथिली फुल नहि फुलबारी थिक हमर प्रिय कवि विद्यानन्द बेदर्दी बड नीक कहैत छथि, “मैथिली फुल नहि फुलबारी छी”। एहि फुलबारी मे रंग-बिरंगक फुल फुलाइत अछि। मिथिलाक भूगोल जहिना प्रकृति द्वारा मस्तक पर हिमालय, दाहिना हाथ गण्डक धार, बाम हाथ कोसी धार आ चरण पखारैत स्वयं देवनदी गंगा धार बहि रहल छथि – ई तिरहुतदेश … मैथिली फुल नहि फुलबारी छी




