रामचरितमानस मोतीः मारीच प्रसंग व स्वर्णमृग रूप मे मारीचक मारल गेनाय, सीताजी द्वारा लक्ष्मण केँ पठेनाय
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती मारीच प्रसंग व स्वर्णमृग रूप मे मारीचक मारल गेनाय, सीताजी द्वारा लक्ष्मण केँ पठेनाय १. रावण सँ फेर मारीच ओकर पूजा कयकेँ आदरपूर्वक पुछलक – हे तात! अहाँक मोन कोन कारणे एतेक बेसी व्यग्र अछि आर अहाँ असगरे कियैक आयल छी? भाग्यहीन रावण सम्पूर्ण कथा अभिमान सहित मारीचक … रामचरितमानस मोतीः मारीच प्रसंग व स्वर्णमृग रूप मे मारीचक मारल गेनाय, सीताजी द्वारा लक्ष्मण केँ पठेनाय





