रामचरितमानस मोतीः नारद-राम संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती नारद-राम संवाद १. भगवान् केँ विरहयुक्त देखि नारदजीक मोन मे विशेष रूप सँ सोच भेलनि। ओ विचारय लगलाह जे हमरे श्राप केँ स्विकारि श्री रामजी नाना प्रकारक दुःख सभक भार सहि रहल छथि। ओहि चलते एतेक भारी दुःख उठा रहल छथि। एहेन भक्तवत्सल प्रभु केँ जाकय देखी। फेर … रामचरितमानस मोतीः नारद-राम संवाद




