मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण
मिथिला स्तुति हे मिथिला – बेर-बेर प्रणाम!! ईश्वर प्रति सम्पूर्ण आस्थावान् रहैत अपन जन्म एहि मिथिला नामक तीर्थभूमि – तंत्रभूमि -सिद्धभूमि मे होयबाक लेल पुनः-पुनः आभार प्रकट करैत छी। मिथिलाक स्तवन करब केहेन कल्याणकारी अछि से त देखू – म सँ मकार ब्रह्मा आर ताहि मे इकारान्त स्त्री यानि ब्रह्माणी (सरस्वती विराजित छथि, थ सँ … मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण








